
प्रधानमंत्री ही सस्पेंड, पड़ोसी देश से बढ़ी दुश्मनी... क्यों चर्चा में है भारतीयों का हनीमून ड्रीम डेस्टिनेशन थाईलैंड?
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यूरोप के औपनिवेशिक देश अपनी लचर नीतियों की वजह से एशियाई देशों के लिए ऐतिहासिक सीमा विवाद छोड़कर गए हैं. जैसे अंग्रेजों की अस्पष्ट नीतियों की वजह से भारत-पाकिस्तान, भारत-चीन का सीमा विवाद है. इसी तरह का एक विवाद फ्रांस थाईलैंड और कंबोडिया के लिए छोड़कर गया है. थाईलैंड की पीएम पेटोंगटार्न शिनावात्रा के निलंबन की एक वजह ये विवाद भी है.
थाईलैंड... भारतीयों का पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन और छुट्टियां गुजारने के लिए परफेक्ट जगह. एक तो भारत से ज्यादा दूर नहीं, विमान का किराया कम, दूजा खूबसूरत समुद्री तट, हजारों साल पुराने मंदिर और जीवंत संस्कृति. थाइलैंड हर मिडिल क्लास भारतीय का ड्रीम डेस्टिनेशन है. लेकिन हाल ही में यह देश राजनीतिक उथल-पुथल और क्षेत्रीय तनाव के कारण सुर्खियों में है.
अगस्त 2024 में थाईलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री बनीं 38 वर्ष की पेटोंगटार्न शिनावात्रा को मंगलवार को एक लीक फोन कॉल विवाद के चलते न्यायालय ने निलंबित कर दिया. किसी न्यायालय द्वारा एक प्रधानमंत्री को ही सस्पेंड कर देना लोकतंत्र में अदालती दखल का अभूतपूर्व उदाहरण है.
इसके बाद आज थाईलैंड को नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है. थाईलैंड के कार्यवाहक (केयरटेकर) प्रधानमंत्री के रूप में फुमथम वेचायचाई (Phumtham Wechayachai) आज शपथ ले रहे हैं.
सरकार के प्रवक्ता जीरायु होंगसुब ने बुधवार को कहा कि उन्हें महामहिम राजा के समक्ष शपथ दिलाई जाएगी. आइए अब उस विवाद को समझते हैं जिस वजह से शिनावात्रा का निलंबन हुआ है.
शिनावात्रा का जो फोन कॉल लीक हुआ है उसमें उन्होंने अपने ही देश के सेना की आलोचना की थी. इस कॉल में शिनावात्रा कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन से बात कर रही थीं. ये कॉल 15 जून को किया गया था. इसके बाद इस कॉल को लीक किया गया.
कंबोडिया के सीनेट प्रेसिडेंट से क्या बात कर रही थीं शिनावात्रा?

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