
पोते ने 82 साल बाद लौटाई दादी की लाइब्रेरी से ली बुक, किताब पर हो गया था इतना लाख जुर्माना
AajTak
एक लाइब्रेरी को 82 साल बाद उसकी उधार ली गई किताब लौटाई गई. 1943 में लाइब्रेरी से एक महिला ने किताब ली थी, जिसे अब उसके पोते ने लाइब्रेरी को लौटा दी है.
सैन एंटोनियो पब्लिक लाइब्रेरी से उधार ली गई एक किताब लगभग 82 साल बाद वापस की गई है. इसके साथ एक पत्र भी अटैच था. इसमें लिखा था- दादी अब इसके लिए पैसे नहीं दे पाएंगी.
एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पुस्तक विवाह एवं पारिवारिक परामर्शदाता फ्रांसेस ब्रूस स्ट्रेन द्वारा लिखित "योर चाइल्ड, हिज फैमिली, एंड फ्रेंड्स" है. पुस्तकालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह पुस्तक जुलाई 1943 में ली गई थी और पिछले जून में ओरेगन के एक व्यक्ति से वापस आई थी.
पोते ने किताब के साथ भेजी ये चिट्ठी लाइब्रेरी ने किताब के साथ आई चिट्ठी को सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उसमें लिखा है - मेरे पिता की हाल ही में हुई मृत्यु के बाद, मुझे उनके द्वारा छोड़ी गई किताबों के कुछ बक्से विरासत में मिले.
यह किताब मेरी दादी, मारिया डेल सोकोरो एल्ड्रेटे फ्लोरेस (कोर्टेज़) ने उधार ली होगी. उसी साल, उनका तबादला अमेरिकी दूतावास में काम करने के लिए मेक्सिको सिटी में हुआ था. वे यह किताब अपने साथ ले गई होंगी, और लगभग 82 साल बाद, यह मेरे पास पहुंची.
82 साल बाद लाइब्रेरी को लौटाई गई यह किताब माता-पिता के लिए एक गाइड थी कि वे अपने बच्चों को निजी रिश्तों को बेहतर बनाने में कैसे मदद कर सकते हैं. इसे तब पढ़ा गया जब उस व्यक्ति के पिता की उम्र 11 साल थी.
लाइब्रेरी ने ओवर ड्यू कर दिया है खत्म पुस्तक लौटाने वाले व्यक्ति ने पत्र में आगे लिखा - मुझे आशा है कि इसके लिए कोई विलंब शुल्क नहीं लगेगा, क्योंकि दादी अब इसके लिए भुगतान नहीं कर पाएंगी.पुस्तकालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उसने 2021 में ओवर ड्यू फाइन को समाप्त कर दिया है.

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.












