
पुणे में बिना ड्राइवर के सरपट दौड़ने लगा नगर निगम का लोडिंग वाहन... रिवर्स गियर में लगाई रेस, Video
AajTak
महाराष्ट्र के पुणे (Pune) में एक टेम्पो बिना ड्राइवर के सड़क पर तेजी से दौड़ने लगा. यह टेम्पो नगर निगम (Municipal corporation) का था, जो रिवर्स गियर में रेस लगा रहा था. लोगों ने देखा तो वे हैरान रह गए. सड़क पर मौजूद कुछ वाहन सवारों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो वायरल हो रहा है.
महाराष्ट्र के पुणे (Pune) के हडपसर इलाके में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां बिना ड्राइवर के पुणे नगर निगम का टेंपो रिवर्स गियर में दौड़ने लगा. आसपास के लोगों ने जब देखा तो वे हैरान रह गए. सड़क पर मौजूद लोगों ने सतर्क होकर सूझबूझ दिखाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.
यहां देखें Video
जानकारी के अनुसार, यह मामला महाराष्ट्र के पुणे के हडपसर इलाके का है. यहां पुणे नगर निगम का टेम्पो खड़ा था. उसी दौरान नगर निगम का लोडिंग वाहन रिवर्स गियर में दौड़ने लगा. यह चार पहिया वाहन सड़क पर इतनी तेजी से दौड़ा कि देखने वाले हैरान रह गए. राहगीरों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल से बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यह भी पढ़ें: Punjab: बिना ड्राइवर के 84 किलोमीटर तक दौड़ती रही ट्रेन, रेलवे में मचा हड़कंप, जांच के आदेश
लोडिंग वाहन काफी दूर तक रिवर्स गियर में चलता रहा. गनीमत रही कि इस दौरान कोई इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था. काफी दूर तक जाने के बाद वाहन कई बार डिवाइडर से भी टकराया. इसके बाद डिवाइडर से टक्कर होने के बाद रुक गया.
सड़क पर जब लोडिंग वाहन दौड़ रहा था तो उसके साथ-साथ कुछ लोग वीडियो बनाते हुए चल रहे थे. हालांकि इस दौरान सड़क पर आने-जाने वाले लोगों ने सूझबूझ दिखाई और सावधानी से खतरे का बचाव किया. हालांकि इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो रहा है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








