
पाकिस्तान में मतदान आज, प्रोजेक्ट इमरान के बाद सेना का नवाज पर दांव, जानें- चुनाव में भारत कितना बड़ा मुद्दा
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पाकिस्तान की सेना ने 'प्रोजेक्ट इमरान' के बाद नवाज शरीफ पर दांव लगाया है. नवाज शरीफ की जीत सुनिश्चित होने के पीछे पाकिस्तान की सेना की गुडबुक में सबसे ऊपर होना है यूं तो प्रधानमंत्री पद की रेस में बिलावल भुट्टो भी हैं, जो सेना की गुडबुक्स में शामिल हैं. लेकिन बताया जाता है कि नवाज शरीफ ने बाजीमार ली है.
पाकिस्तान में हिंसा के बीच नई सरकार के गठन के लिए गुरुवार को चुनाव होगा. इमरान खान के जेल में होने की वजह से मुख्य मुकाबला नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस दौड़ में सबसे आगे हैं और वह चौथी बार पाकिस्तान की कुर्सी पर बैठ सकते हैं. इसकी बड़ी वजह सेना का उन्हें मिला बेतहाशा समर्थन है.
पाकिस्तान की सेना ने 'प्रोजेक्ट इमरान' के बाद नवाज शरीफ पर दांव लगाया है. नवाज शरीफ की जीत सुनिश्चित होने के पीछे पाकिस्तान की सेना की गुडबुक में सबसे ऊपर होना है यूं तो प्रधानमंत्री पद की रेस में बिलावल भुट्टो भी हैं, जो सेना की गुडबुक्स में शामिल हैं. लेकिन बताया जाता है कि नवाज शरीफ ने बाजीमार ली है. इसकी वजह है कि पाकिस्तान की सेना की इमरान खान से तल्खियां बढ़ी हुई हैं, जिस वजह से पाकिस्तान में नवाज शरीफ का सिलेक्शन पक्का माना जा रहा है.
पाकिस्तान के बड़े-बड़े पत्रकार टीवी पर ये खुलकर कबूल कर रहे हैं कि नवाज शरीफ एक बार फिर जेल से सीधे पीएम आवास लौट रहे हैं. शरीफ जिन्हें पांच साल पहले करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में दोषी करार देने के नाम पर चुनाव लड़ने से रोका गया. वो नवाज शरीफ पाकिस्तान की कमान संभालने वाले हैं जो 2 बार जिला वतन होकर पहले सऊदी अरब तो दूसरी बार लंदन में आराम फरमा चुके हैं जिन्हें पाकिस्तान की अदालत उम्रकैद से लेकर 10 साल तक की सजा सुना चुकी है फिर भी भ्रष्टाचार के आरोपों से सिर से पांव तक डूबे नवाज शरीफ को थाल में परोसकर पाकिस्तान देने का फैसला हो चुका है.
पाकिस्तान में भारत के लिए क्या कह रहे हैं पीएम पद के दावेदार शरीफ?
पाकिस्तान के चुनावों में भारत बड़ा मुद्दा रहा है. नवाज शरीफ भारत से दोस्ती को अपने ट्रंप कार्ड की तरह पेश कर रहे हैं. जनता को याद दिला रहे हैं कि उनकी ही सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक पाकिस्तान आए थे. सवाल ये है कि चुनावों में भारत का कार्ड क्यों खेल रहे हैं नवाज शरीफ? क्या कश्मीर पर भारत के कड़े रुख के बावजूद वो भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे?
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