
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में क्यों किया हमला? TTP-ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की Inside Story
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पाकिस्तान ने हालिया आत्मघाती हमलों के बाद अफगानिस्तान में टीटीपी और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. इस्लामाबाद का दावा है कि हमले सीमा-पार आतंकवाद रोकने के लिए किए गए. बढ़ती हिंसा और 2025 में रिकॉर्ड स्तर की आतंकी घटनाओं ने दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा कर दिया है.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में बड़ी एयरस्ट्राइक की है. इस्लामाबाद का कहना है कि यह कार्रवाई उन ठिकानों को निशाना बनाकर की गई, जहां से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लड़ाके पाकिस्तान में हमले कर रहे थे. पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उसकी सीमा पार से सशस्त्र समूह सक्रिय हैं. हालांकि काबुल प्रशासन और टीटीपी इन आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं.
पाकिस्तान की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब कुछ ही घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाया था. इस हमले में दो सैनिकों की मौत हो गई, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल थे. इससे पहले सोमवार को बाजौर इलाके में एक और बड़ा हमला हुआ. एक आत्मघाती हमलावर ने हथियारबंद साथियों की मदद से विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से घुसा दी. धमाके में 11 सैनिक और एक बच्चे की जान चली गई. बाद में अधिकारियों ने दावा किया कि हमलावर अफगान नागरिक था.
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6 फरवरी को इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में दोपहर की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 170 से ज्यादा लोग घायल हुए. इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी.
इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण इस तरह के हमले आमतौर पर कम होते हैं लेकिन खदीजा तुल कुबरा मस्जिद पर हमला तीन महीनों में दूसरा बड़ा हमला था, जिससे बड़े शहरों में फिर से हिंसा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी. उस समय पाकिस्तानी सेना का दावा था कि इस हमले की "साजिश, प्रशिक्षण और तैयारी" अफगानिस्तान में हुई थी. ताजा घटनाओं के बाद पाकिस्तानी सेना ने बदला लेने की चेतावनी दी थी.
पाकिस्तान ने कहां किया एयरस्ट्राइक?

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