
पांच साल से भारत में फंसी चीनी महिला को मिलेगा 10 लाख का मुआवजा, बॉम्बे HC ने केंद्र को दिया आदेश
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एक चीनी महिला पिछले पांच साल से भारत में फंसी है. वह फ्लाइट डायवर्जन की वजह से मुंबई पहुंच गई थी. उसे दिल्ली आना था लेकिन मुंबई में लैंड करने के बाद कस्टम अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था. उसके पास से करोड़ों रुपये का सोना जब्त किया गया था. अब हाईकोर्ट ने महिला के अपने देश चीन लौटने का रास्ता साफ कर दिया है.
भारत में 2019 से फंसी एक चीनी महिला को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दस लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश जारी किया है. यह रकम केंद्र सरकार से भुगतान करने को कहा गया है. हाईकोर्ट ने कहा कि "भारत सरकार के आचरण" की वजह से उसे (चीनी महिला को हुई) मानसिक पीड़ा, ट्रॉमा और मुश्किलों के लिए उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने साथ ही इमिग्रेशन ब्यूरो को महिला को एग्जिट परमिट जारी करने का आदेश दिया है, ताकि वह अपने देश (चीन) लौट सके.
जस्टिस पीके चव्हाण की बेंच ने 38 वर्षीय कांग लिंग द्वारा दायर याचिका पर आदेश जारी किया है. वह फ्लाइट डायवर्जन की वजह से मुंबई पहुंच गई थी और वहां वह सांताक्रूज के एक चॉल में रह रही थी. महिला चीन के शांडोंग शेंग की रहने वाली है. जस्टिस चव्हाण ने चीनी महिला की 'दयनीय दुर्दशा' देखी, जो 2019 में 12 दिसंबर को बीजिंग से चाइना एयरलाइंस से भारत आई थी.
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दिल्ली आना था लेकिन पहुंच गई थी मुंबई
चीनी महिला के फ्लाइट को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे मुंबई डायवर्ट कर दिया गया था. मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उसने ग्रीन चैनल पार कर लिया लेकिन उसे एग्जिट गेट पर कस्टम अधिकारियों ने रोक लिया था.
कस्टम के पूछे जाने पर महिला ने बताया था कि उसे दिल्ली जाना था लेकिन खराब मौसम की वजह से फ्लाइट को डायवर्ट किया गया और इसलिए उसने समय बचाने के लिए मुंबई में इमिग्रेशन और कस्टम्स क्लियर करने और दूसरी डोमेस्टिक फ्लाइट से दिल्ली जाने का प्लान बनाया है. हालांकि, अधिकारियों ने महिला को अरेस्ट कर लिया था.

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