
पहले भगवती अम्मान मंदिर में दर्शन, फिर विवेकानन्द रॉक मेमोरियल में ध्यान... कन्याकुमारी में ये होगा PM मोदी का शेड्यूल
AajTak
सूरज की रक्तिम आभा, समंदर की मचलती लहरें और शांत सी शिला है विवेकानन्द रॉक मेमोरियल. कन्याकुमारी में स्थित इस शिला पर कभी स्वामी विवेकानंद ने ध्यान लगाया था. अब पीएम मोदी भी यहां मेडिटेशन करेंगे. सबसे पहले PM मोदी भगवती अम्मान मंदिर में दर्शन करेंगे. इसके बाद वह विवेकानन्द रॉक मेमोरियल में मेडिटेशन करेंगे.
लोकसभा चुनाव के 7वें और अंतिम चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आध्यात्मिक यात्रा के तहत कन्याकुमारी जाएंगे. यहां पीएम मोदी विवेकानंद रॉक मेमोरियल पहुंचकर मेडिटेशन करेंगे. जानते हैं पीएम मोदी की आध्यात्मिक यात्रा का पूरा प्लान...
सूरज की रक्तिम आभा, समंदर की मचलती लहरें और शांत सी शिला है विवेकानन्द रॉक मेमोरियल. कन्याकुमारी में स्थित इस शिला पर कभी स्वामी विवेकानंद ने ध्यान लगाया था. अब पीएम मोदी भी यहां मेडिटेशन करेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (30 मई) शाम सवा पांच बजे कन्याकुमारी पहुंचेंगे. वे पहले भगवती अम्मान मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. इसके बाद वे शनिवार दोपहर तक वहीं रहेंगे. इस दौरान वह विवेकानन्द रॉक मेमोरियल में मेडिटेशन करेंगे.
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी शनिवार (1 जून) दोपहर तीन बजे पास ही में स्थित एक शिला पर बनी महान कवि तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का दर्शन करेंगे और माल्यार्पण करेंगे.
बता दें कि अंतिम चरण में कुल 57 सीटों पर वोटिंग होनी है. अंतिम चरण का चुनाव प्रचार 30 मई को शाम 5 बजे थम जाएगा. पीएम मोदी चुनाव प्रचार थमने के बाद विश्राम के लिए तमिलनाडु के कन्याकुमारी जाएंगे और कन्याकुमारी में महासागर के बीच उभरे विशाल चट्टान पर आसीन होकर ध्यान लगाएंगे. सूत्रों के मुताबिक 30 मई की शाम से 1 जून तक पीएम मोदी विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर ध्यानरत रहेंगे. पीएम मोदी ने 2019 में केदारनाथ की रुद्र गुफा में ध्यान लगाया था. जबकि 2014 में पीएम मोदी ने शिवाजी के प्रतापगढ़ का दौरा किया था, जहां शिवाजी ने अपने बाघनख से अफजल खान का पेट फाड़ दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 45 घंटे के प्रवास के लिए भारी सुरक्षा समेत सभी इंतजाम किए गए हैं. गुरुवार से शनिवार तक समुद्र तट पर्यटकों के लिए बंद रहेगा और निजी नौकाओं को भी चलने की अनुमति नहीं होगी. देश के दक्षिणी छोर पर स्थित इस जिले में 2 हजार पुलिसकर्मियों का दल तैनात रहेगा और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कड़ी निगरानी रखेंगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक 1 जून को रवाना होने से पहले मोदी तमिल कवि तिरुवल्लुवर की 133 फीट ऊंची प्रतिमा देखने जाएंगे. यह परिसर रॉक मेमोरियल के बगल में स्थित है. पीएम मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, तिरुनेलवेली रेंज के डीआईजी प्रवेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक ई सुंदरवथनम के साथ रॉक मेमोरियल, बोट जेटी, हेलीपैड और स्टेट गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. प्रधानमंत्री की मुख्य सुरक्षा टीम के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के साथ ही हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर लैंडिंग का ट्रायल भी किया गया.
भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा अपने आध्यात्मिक प्रवास के लिए कन्याकुमारी को चुनने का फैसला देश के लिए विवेकानंद के दृष्टिकोण को साकार करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि जिस चट्टान पर प्रधानमंत्री ध्यान लगाएंगे, उसका विवेकानंद के जीवन पर बहुत प्रभाव था. उन्होंने कहा कि विवेकानंद देशभर में घूमने के बाद यहीं पहुंचे थे, तीन दिनों तक ध्यान लगाया और विकसित भारत का सपना देखा था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








