
पन्नू हत्या साज़िश: अमेरिका में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने षड्यंत्र रचने का गुनाह कबूल किया
The Wire
भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता, जिन्हें जून 2024 में प्राग से प्रत्यर्पण के बाद अमेरिका की हिरासत में रखा गया है - ने सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू हत्या की साज़िश, हत्या की सुपारी और मनी लॉन्ड्रिंग की साज़िश का दोष स्वीकार कर लिया है. अमेरिकी अदालत ने सज़ा सुनाए जाने की तारीख़ 29 मई 2026 तय की है.
नई दिल्ली: भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने उस कथित ‘मर्डर-फॉर-हायर’ साजिश में लगे तीनों आरोपों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें गुरपतवंत सिंह पन्नू की न्यूयार्क में हत्या की योजना बनाने का आरोप है. अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, गुप्ता को भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के एक पूर्व अधिकारी के निर्देश पर यह काम सौंपा गया था.
54 वर्षीय गुप्ता, जिन्हें जून 2024 में प्राग से प्रत्यर्पण के बाद अमेरिका की हिरासत में रखा गया है, 12 फरवरी को मैनहैटन की संघीय अदालत में मजिस्ट्रेट न्यायाधीश सारा नेटबर्न के सामने पेश हुए. वहां उन्होंने हत्या की साज़िश, हत्या की सुपारी और मनी लॉन्ड्रिंग की साज़िश – इन तीनों अपराधों में दोष स्वीकार किया. इन तीनों मामलों में कुल मिलाकर अधिकतम सज़ा 40 वर्ष की कैद हो सकती है.
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, जज नेटबर्न ने जिला जज विक्टर मारेरो से इस स्वीकारोक्ति को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश की, गुप्ता की हिरासत जारी रखने का आदेश दिया और सज़ा से पहले की जांच रिपोर्ट (presentence investigation report) तैयार करने को कहा. मामले की अगली तारीख़ 15 मार्च तय की गई है.
अमेरिकी न्याय विभाग की विज्ञप्ति में कहा गया है कि गुप्ता ने भारत सरकार के एक कर्मचारी के निर्देश पर अमेरिका में रहने वाले एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या की साज़िश रची.
अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया कि यह भारतीय सरकार के एक मुखर आलोचक को चुप कराने की कोशिश थी.
बताया गया है कि अभियोग में गुप्ता के कथित सहयोगी पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव का भी ज़िक्र है – जो उस समय एक भारतीय सरकारी कर्मचारी थे. आरोप के अनुसार, 2023 के आसपास गुप्ता ने भारत और अन्य स्थानों पर कुछ लोगों के साथ मिलकर अमेरिका में एक वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बनाई. पीड़ित भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक है और वह पंजाब के अलगाव की वकालत करने वाले एक संगठन का नेतृत्व करता है. भारत सरकार ने पीड़ित और उसके संगठन पर भारत में प्रतिबंध लगा रखा है.

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