
पत्नी के हैरेसमेंट पर 90 मिनट का वीडियो, 24 पन्नों का सुसाइड नोट... क्या भ्रष्ट सिस्टम से हार गए इंजीनियर अतुल?
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अतुल सुभाष का परिवार अचानक अपने बेटे, भाई के उस कदम को उठा लेने से टूट चुका है, जिसके बारे में सोचना भी अपराध है. सुसाइड करना अपराध है. ऐसा किसी को नहीं सोचना चाहिए लेकिन अतुल सुभाष मोदी के साथ ऐसा क्या हुआ कि पढ़े लिखे समझदार अतुल ने नौ सितंबर को जान दे दी. उनकी मां, भाई हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है.
अतुल सुभाष को किसने मारा? ये नाम सुनकर कुछ लोगों को लग सकता है कि ये कौन है? दरअसल, बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले 34 वर्षीय AI इंजीनियर अतुल सुभाष ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली. वो उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. उन्होंने 24 पेज का सुसाइड नोट और 90 मिनट का एक वीडियो छोड़ा है, जिसमें अपनी पत्नी और उसके परिजनों पर उत्पीड़न और उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने अपने सुसाइड नोट में कहा, "मैं पैसे देने से इनकार करता हूं और मैं मौत को चुनता हूं. क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरे पैसे का इस्तेमाल मेरे विरोधियों द्वारा मुझे और मेरे परिवार को प्रताड़ित करने के लिए किया जाए. कोर्ट के बाहर गटर में अस्थियां बहा दी जाएं."
अब दस्तक देता सवाल है कि महिलाओं के हर अधिकार पर आवाज उठाने वाला समाज क्या पुरुषों के अधिकार पर भी मुट्ठियां तानेगा? जीते जी जो अतुल को न्याय नहीं मिला, वो मौत के बाद मिलेगा? क्या फिर कोई अतुल इस तरह लाचार ना हो इसके लिए न्यायिक व्यवस्था अपने भीतर झांकेगी?
बेटे की मौत से टूटा परिवार
अतुल सुभाष ने आरोप लगाया है उनकी पत्नी ने उनके के खिलाफ कई केस दर्ज कराए हैं और अब तीन करोड़ रुपये की डिमांड कर रही है. अतुल सुभाष बेंगलुरु सिटी में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में डीजीएम के पद पर काम कर रहे थे.
अतुल सुभाष का परिवार अचानक अपने बेटे, भाई के उस कदम को उठा लेने से टूट चुका है, जिसके बारे में सोचना भी अपराध है. सुसाइड करना अपराध है. ऐसा किसी को नहीं सोचना चाहिए लेकिन अतुल सुभाष मोदी के साथ ऐसा क्या हुआ कि पढ़े लिखे समझदार अतुल ने नौ सितंबर को जान दे दी. उनकी मां, भाई हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है.

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