
पटना टेरर मॉड्यूल: जंगी की रिहाई के लिए प्रदर्शन, AIPF ने कहा- मुस्लिमों को बदनाम करने की साजिश
AajTak
पटना टेरर मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार नूरुद्दीन जंगी की रिहाई के लिए आज दरभंगा में AIPF के बैनर तले लोगों ने प्रदर्शन किया और भाकपा माले ने सरकार पर मुस्लिमों को बदनाम करने का आरोप लगाया है.
पटना टेरर मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार नूरुद्दीन जंगी की बिना शर्त रिहाई के लिए भाकपा माले ने दरभंगा में विरोध प्रदर्शन किया है. AIPF के बैनर तले किए गए प्रदर्शन में गिरफ्तार नूरुद्दीन जंगी की मां भी शामिल हुई.
प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग करते हुए सरकार पर मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप लगाया. AIPF की तरफ से यह प्रदर्शन दरभंगा मुख्यालय के लहेरियासराय में किया गया जहां प्रदर्शनकारी नूरुद्दीन जंगी के फोटो लगे बैनर पोस्टर के साथ लोग पहुंचे.
प्रदर्शन में शामिल लोग एक तरफ पटना मामले में गिरफ्तार सभी लोगों को बिना शर्त रिहाई का नारा लगा रहे थे वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम को टारगेट कर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे. प्रदर्शनकारी के हाथों में अलग-अलग तरह के स्लोगन लिखे पोस्टर भी थे.
प्रदर्शन में शामिल गिरफ्तार नूरुद्दीन जंगी की मां समसुल निशा ने बताया की उनका बेटा नूरुद्दीन जंगी बेकसूर है, उसके ऊपर कोई आरोप भी नहीं है, वह पेशे से वकील है और वकालत करता है. ऐसे में उनका बेटा हर धर्म मजहब के लोगों का केस लड़ता है यह कोइ जुर्म नहीं है. उनके बेटे को जल्द से जल्द रिहा किया जाए.
वहीं प्रदर्शन में शामिल भाकपा माले के नगर सचिव सदिग भारती ने बताया की पटना फुलवारी शरीफ मामले में गिरफ्तार सभी लोग बेकसूर है. किसी के खिलाफ पुलिस को कोइ सबूत नहीं मिले हैं, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की सरकार आनेवाले लोकसभा चुनाव को देखते यह षड़यंत्र रच रही है और मुसलमानों को बदनाम कर चुनाव में फायदे लेने की यह साजिश है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा की नूरुद्दीन जंगी सहित जब तक सभी गिरफ्तार लोगों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसके अलावा भाकपा माले के नेता देवेंदर साह ने साफ़ शब्दों में बताया की पटना मामले में सरकार झूठे आरोप लगाकर मुस्लिम समुदाय के कई लोगों को गिरफ्तार कर रही है.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










