
'ना दूरी है, ना खाई है, मोदी हमारा भाई है...', इन 65 सीटों पर मुस्लिम वोटरों के लिए BJP ने बनाया 'मास्टरप्लान'
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अल्पसंख्यक बहुल बूथों पर मुस्लिम समाज के युवाओं को भी बूथ की टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है. अल्पसंख्यक मोर्चे की ओर से पीएम मोदी के लिए 'ना दूरी है, ना खाई है, मोदी हमारा भाई है' के नारे के साथ भी मुस्लिम समाज को पीएम मोदी के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
लोकसभा चुनाव के रण में '400 पार' के नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी की खास नजर मुस्लिम वोटरों पर भी है. लोकसभा की 65 सीटों पर मुस्लिम वोटर लगभग जीत-हार में बड़ी भूमिका निभाते हैं. वहीं लगभग 35 से 40 ऐसी लोकसभा सीटें हैं जहां मुस्लिम वोटर की संख्या 35 प्रतिशत से 70 प्रतिशत से भी ऊपर है.
बीजेपी ने देशभर में जिन 65 सीटों को खासतौर से चुना है, उन सीटों पर मुस्लिम वोटरों की आबादी 30 प्रतिशत से ज्यादा है. ये 65 सीटें असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में हैं जिन्हें जीतने के लिए पार्टी रणनीति के तहत इस बार पूरी ताकत लगा रही है. इन 65 लोकसभा सीटों पर भाजपा ने बूथ स्तर तक जाकर मुस्लिम समाज को साधने की रणनीति बना ली है.
ये 65 लोकसभा सीटें इस प्रकार हैं :
हरियाणा - गुरुग्राम, फरीदाबाद
दिल्ली - उतरी पूर्वी दिल्ली, चांदनी चौक
असम- करियाबोर, नौगांव, धुबरी, बरपेटा, मंगलदोई, सिल्चर, करिमगंज

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