
नया संसद भवन, एजेंसियों का दुरुपयोग, भारत जोड़ो यात्रा...अमेरिका में राहुल के 6 बड़े बयान और उनके मायने
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राहुल गांधी ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीयों को संबोधित किया. इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. राहुल ने पीएम मोदी पर भी तंज कसा. राहुल ने कहा कि बीजेपी ने उनकी भारत जोड़ो यात्रा को रोकने की कोशिश की. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि भारत में राजनीति करना अब आसान नहीं रहा है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को अमेरिका के दौरे पर पहुंचे. यहां सैन फ्रांसिस्को में उन्होंने भारतीयों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया. इस दौरान राहुल गांधी ने नए संसद भवन, भारत में मुस्लिमों पर अत्याचार, एजेंसियों के इस्तेमाल समेत तमाम मुद्दों पर बात की. इस दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि उन्हें सब के बारे में सबकुछ पता है. मोदी जी भगवान को भी ब्रह्मांड के बारे में समझा सकते हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे लगता है कि नया संसद भवन का उद्घाटन असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए है. बेरोजगारी, महंगाई, नफरत, शिक्षा संस्थानों में कमी जैसे मुद्दों पर बीजेपी चर्चा नहीं चाहती है. इसलिए इन सब मुद्दों को आगे किया जा रहा है.
क्या हैं मायने?
राहुल ने नई संसद के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. राहुल ने सीधे तौर पर नई संसद को लेकर कोई कमेंट नहीं किया. हालांकि, इसके बहाने उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, नफरत फैलाने से मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया. राहुल इन मुद्दों पर अकसर मोदी सरकार को घेरते आए हैं. ये ऐसे मुद्दे हैं, जो सीधे तौर पर जनता के हितों से जुड़े हैं और इनका असर सीधा जनता पर पड़ता है. शायद राहुल नहीं चाहते कि वे कुछ ऐसा बोलें, जिससे बीजेपी को उन्हें घेरने का मौका मिले .
मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोलेंगे. मुसलमानों को लग रहा है कि उन पर ज्यादा हमले हो रहे हैं. लेकिन सिख, दलित, आदिवासी सभी ऐसा ही महसूस कर रहे हैं. हर कोई पूछ रहा है कि क्या चल रहा है? मुसलमान इसे अधिक महसूस करते हैं क्योंकि उनको ज्यादा केंद्रित किया जा रहा है. लेकिन हम नफरत को नफरत से नहीं हरा सकते. हम प्यार से नफरत को हराएंगे. भारत नफरत में विश्वास नहीं रखता. आज भारत में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है, वही उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ होता था. लेकिन हम इसे चुनौती देंगे, इससे लड़ेंगे.
क्या हैं मायने?

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