
नकली अंतिम संस्कार और असली साजिश… पुतला जलाकर किसका डेथ सर्टिफिकेट लेना चाहते थे आरोपी?
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यूपी में हापुड़ के ब्रजघाट पर बुधवार की शाम ऐसा नजारा दिखा, जिसने लोगों के होश उड़ा दिए. चार युवक कार में एक शव लेकर आए और गंगा किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे. लेकिन जैसे ही कफन हटाया गया, तो लाश की जगह प्लास्टिक का डमी पुतला था. दरअसल, ये लोग एक जिंदा शख्स का डेथ सर्टिफिकेट लेना चाहते थे. आखिर कौन है वो शख्स..?
गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर बुधवार की शाम एक अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया. चार युवक हरियाणा नंबर की कार में एक शव लेकर गंगा घाट पहुंचे. उनका इरादा था इसे जलाकर अंतिम संस्कार करना. लेकिन जैसे ही कफन हटाया गया, लोगों की आंखों के सामने जो दृश्य आया, उसने सबको हक्का-बक्का कर दिया. शव की जगह एक प्लास्टिक का डमी पुतला रखा हुआ था.
स्थानीय लोगों और गढ़ नगर पालिका के कर्मचारियों को यह सब देखकर संदेह हुआ. वहां मौजूद लोगों ने दो युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि बाकी दो मौके से फरार हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक अंतिम संस्कार के धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किए बिना जल्दबाजी में पुतले को जलाने की कोशिश कर रहे थे.
ब्रजघाट के एक प्रत्यक्षदर्शी विशाल ने कहा कि चारों युवक शव के साथ आए थे, लेकिन जैसे ही कफन हटाया गया, सभी के होश उड़ गए. यह किसी धोखाधड़ी या क्राइम की साजिश लग रही थी.
गढ़ की सीओ स्तुति सिंह ने कहा कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक दिल्ली के रहने वाले हैं. कमल सोमानी और उसका दोस्त आशीष खुराना मृतक का दिखावा कर पुतले का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे. जांच में सामने आया कि कमल सोमानी के ऊपर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज था और वह इसे चुकता करने के लिए साजिश रच रहा था.
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