
देश के बड़े जलाशयों में बढ़ा जल स्तर लेकिन पिछले साल से बुरी है स्थिति, जल आयोग ने दी जानकारी
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उत्तरी क्षेत्र, जिसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं, बड़ी कमी का सामना कर रहा है. मॉनिटर किए गए 10 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 19.663 बीसीएम है, जबकि वर्तमान भंडारण 5.979 बीसीएम (क्षमता का 30 प्रतिशत) है. यह पिछले वर्ष के 63 प्रतिशत और सामान्य भंडारण स्तर 35 प्रतिशत से काफी कम है.
देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश के बीच 150 मुख्य जलाशयों में जल स्तर अब बढ़कर कुल भंडारण क्षमता का 26 प्रतिशत हो गया है. हालांकि यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अभी भी कम है. आधिकारिक आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई है.
पिछले हफ्ते जल स्तर 22 फीसदी पर था. वर्तमान लाइव स्टोरेज 46.311 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 26 प्रतिशत है. केंद्रीय जल आयोग (CWC) के शुक्रवार के बुलेटिन के अनुसार, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में यह एक बड़ी गिरावट है, जब लाइव स्टोरेज 58.864 बीसीएम था. जिन जलाशयों की निगरानी की जा रही है, उनकी संयुक्त कुल भंडारण क्षमता 178.784 बीसीएम है, जो देश में कुल अनुमानित भंडारण क्षमता का 69.35 प्रतिशत है.
भारी कमी का सामना कर रहा देश का उत्तरी हिस्सा
उत्तरी क्षेत्र, जिसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं, बड़ी कमी का सामना कर रहा है. मॉनिटर किए गए 10 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 19.663 बीसीएम है, जबकि वर्तमान भंडारण 5.979 बीसीएम (क्षमता का 30 प्रतिशत) है. यह पिछले वर्ष के 63 प्रतिशत और सामान्य भंडारण स्तर 35 प्रतिशत से काफी कम है.
पूर्वी क्षेत्र, जिसमें असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नागालैंड और बिहार शामिल हैं, में भी कमी देखी गई है. इस क्षेत्र के 23 जलाशयों की संयुक्त भंडारण क्षमता 20.430 बीसीएम है, वर्तमान भंडारण 4.132 बीसीएम (क्षमता का 20 प्रतिशत) है. पिछले वर्ष भंडारण 22 प्रतिशत था और सामान्य भंडारण स्तर 24 प्रतिशत था.
पिछले साल से काफी कम है भंडारण

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