
'दिल्ली-NCR में BS-IV से नीचे की कारों पर एक्शन की छूट', सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव
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दिल्ली-NCR में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया. अदालत ने BS-IV से नीचे आने वाले एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दे दी है. दिल्ली सरकार की ओर से दलील दी गई कि पुराने वाहन प्रदूषण बढ़ा रहे हैं.
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती प्रदूषण समस्या के बीच सुप्रीम कोर्ट ने BS-IV से नीचे के वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी. दिल्ली-एनसीआर की बिगड़ती एयर क्वालीटी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने BS-IV एमिशन मानकों से नीचे आने वाले पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की इजाजत दी है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की बेंच ने दिल्ली सरकार द्वारा पहले दिए गए आदेश में संशोधन की मांग के बाद यह फैसला सुनाया. दिल्ली सरकार ने अदालत से BS-III और उससे पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी थी, क्योंकि ये वाहन प्रदूषण के स्तर में ग्रोथ के लिए जिम्मेदार हैं.
दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि पुराने वाहन जिनकी एमिशन स्टैंडर्ड बहुत कमजोर हैं, राजधानी की हवा को और प्रदूषित कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "पुराने वाहन, जिनके एमिशन मानक बहुत खराब हैं, प्रदूषण में इजाफा कर रहे हैं." इस मामले में हवा प्रदूषण के विशेषज्ञ और अदालत के अमिकस क्यूरीए वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने सरकार की इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि BS-IV मानक 2010 में लागू हुए थे और BS-III मॉडल उससे पहले के हैं. मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली शामिल थे, ने अपने 12 अगस्त के पुराने आदेश में आंशिक संशोधन किया.
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सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BS-IV और उससे नए वाहनों पर केवल उम्र के आधार पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. लेकिन BS-IV से नीचे आने वाले एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों के खिलाफ अब प्रशासन कार्रवाई कर सकता है.

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