
दिल्ली से मेरठ अब सिर्फ 55 मिनट में... PM मोदी ने किया 'नमो भारत रैपिड रेल' के फुल स्ट्रेच का उद्घाटन
AajTak
पीएम मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ 'नमो भारत रैपिड रेल' के पूरे 82 किलोमीटर के स्ट्रेच का उद्घाटन कर दिया. दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक रैपिड रेल आज शाम 6 बजे से आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के फुल स्ट्रेच और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया. अब दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक पूरे 82 किलोमीटर के रूट पर 'नमो भारत रैपिड रेल' की सर्विस शुरू हो गई है. यह भारत की सबसे तेज सेमी हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रेन है. इसके साथ ही भारत की सबसे तेज मेट्रो ट्रेन सेवा भी मेरठ में आम लोगों के लिए शुरू हो गई है. पीएम मोदी ने मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करने के बाद उसमें सफर भी किया. इस दौरान उनके साथ स्कूली बच्चे और कॉलेज स्टूडेंट्स मौजूद रहे. उन्होंने पीएम मोदी से बातचीत की.
नमो भारत रैपिड रेल के संचालन में महिला सशक्तिकरण पर भी खास जोर दिया गया है. इस सेवा में करीब 80 प्रतिशत ड्राइवर स्टाफ महिलाएं होंगी. दिल्ली से मेरठ के बीच अब यात्रा का समय 55 मिनट रह जाएगा. दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन पर मल्टी-इंटीग्रेटेड ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया गया है. यहां स्मार्ट टिकटिंग वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं और QR कोड आधारित टिकट की सुविधा दी गई है.
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर छह प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, ताकि आगे चलकर दिल्ली से अलवर और दिल्ली से करनाल रैपिड रेल को भी यहां से जोड़ा जा सके. नमो भारत रैपिड रेल में बुलेट ट्रेन जैसी आधुनिक झलक देखने को मिलेगी. ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है और इसका ड्राइवर कंसोल पूरी तरह डिजिटल है. इसमें प्रीमियम कोच की सुविधा भी दी गई है, जहां मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट मौजूद हैं. धूप से बचाव के लिए ब्लाइंड पर्दों की व्यवस्था की गई है.
नमो भारत रैपिड रेल में महिलाओं के लिए विशेष कोच बनाए गए हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए कोच में सामान रखने की पर्याप्त जगह, खड़े यात्रियों के लिए अतिरिक्त स्पेस, पानी की बोतल रखने की व्यवस्था, मैगजीन होल्डर और पैरों को आराम देने के लिए फुट-रेस्ट भी दिए गए हैं. यह सेवा दिल्ली–एनसीआर में आधुनिक और तेज परिवहन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.









