
दिल्ली से नेपाल तक चोरी के मोबाइल की तस्करी... गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने जब्त किए 224 फोन
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दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो राजधानी से लूटे गए मोबाइल फोन को बिहार के रास्ते नेपाल भेजता था. पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 224 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अनलॉकिंग डिवाइस बरामद किए हैं. यूपीआई के जरिए खातों से पैसे निकालने की भी साजिश सामने आई है.
दिल्ली पुलिस ने चोरी और झपटमारी के मोबाइल फोन की अंतरराज्यीय तस्करी का पर्दाफाश किया है. बुधवार को पुलिस ने जानकारी दी कि एक ऐसा गिरोह पकड़ा गया है, जो राजधानी के झपटमारों और जेबकतरों से चोरी के मोबाइल फोन खरीदता था. इसके बाद यह गैंग इन फोन को बिहार के मुंगेर के रास्ते नेपाल में थोक के भाव सप्लाई करता था. इस कार्रवाई में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है और कुल 224 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन में से कई ऐसे हैं, जो हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में हुई चोरी और झपटमारी की घटनाओं से सीधे जुड़े पाए गए हैं. आरोपियों की पहचान बृंदावन (23), मुकेश कुमार (21), विक्की बिंद (20), विक्की कुमार (25) और विकास पांडे (24) के रूप में हुई है. आरोपियों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि हाल ही में नेपाल में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के चलते उनकी एक तस्करी की डील अटक गई थी.
यह मामला उस समय सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो लोग चोरी के मोबाइल फोन की बड़ी खेप लेकर आनंद विहार से मुंगेर जाने वाली ट्रेन में चढ़ने की तैयारी कर रहे हैं. सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 12 सितंबर को जाल बिछाया. बृंदावन तथा मुकेश कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से 98 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए.
इसके बाद दोनों से गहन पूछताछ हुई तो गिरोह का पूरा नेटवर्क उजागर हो गया. इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आजाद मार्केट, गफ्फार मार्केट और डीआरपी लाइंस में छापेमारी कर दी. इन जगहों से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस छापेमारी में कुल 224 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए. इसके साथ ही एक लैपटॉप और कई ऐसे उपकरण बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल चोरी के फोन को अनलॉक करने में किया जाता था.
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कई शिकायतकर्ता सामने आए और उन्होंने पुष्टि की कि उनके चोरी हुए फोन इसी गैंग के पास मिले हैं. इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल कर यूपीआई के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे भी निकाले गए थे. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी के मोबाइल नेपाल में किसे और कैसे सप्लाई किए जा रहे थे.

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