
दिल्ली में फिर चाकूबाजी... महिला डॉक्टर को हमलावर ने चाकू से गोदा
AajTak
टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में महिला डॉक्टर संगय भूटिया (40 साल) का ग्राउंड फ्लोर पर क्लीनिक और ऊपर घर है. शनिवार दोपहर एक शख्स उनके क्लीनिक पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया. अपने बचाव में वो सीढ़ियों से उपर तरफ भागीं. मगर हमलावर ने उन पर चाकू से कई वार किए और फरार हो गया.
पश्चिमी दिल्ली के टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में एक महिला डॉक्टर पर जानलेवा हमला किया गया. हमलावर ने डॉक्टर पर चाकू से कई वार किए. वारदात को अंजाम देने के बाद वो फरार हो गया. डॉक्टर का अस्पताल में इलाज चल रहा है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और हत्या की कोशिश के मामले में एफआईआर दर्ज की है.
गौरतलब है कि टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में महिला डॉक्टर संगय भूटिया (40 साल) का ग्राउंड फ्लोर पर क्लीनिक और ऊपर घर है. शनिवार दोपहर एक शख्स उनके क्लीनिक पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया. अपने बचाव में वो सीढ़ियों से उपर तरफ भागीं. मगर हमलावर ने उन पर चाकू से कई वार किए और फरार हो गया.
महिला डॉक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है
इस मामले में थाना राजौरी गार्डन की ओर से बताया गया कि डॉ. भूटिया के क्लीनिक में दोपहर में एक व्यक्ति आया. उनसे उन पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गया. महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका इलाज चल रहा है.
'हमलावर कौन है, हमले की पीछे क्या है वजह'
इस घटना में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. हमलावर कौन है, हमले की पीछे की वजह क्या है, पुलिस इसकी जांच कर रही है. आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं. इसी महीने संगम विहार की गली नंबर 523 में रहने वाले युवक दिलशाद की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










