
दिल्ली में त्योहारी सीजन से पहले 4600 किलो पटाखे जब्त, 10 आरोपी गिरफ्तार
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दिल्ली में दिवाली से पहले अवैध पटाखों की सबसे बड़ी बरामदगी हुई है. यहां अब तक 4662 किलो से ज्यादा पटाखे जब्त हुए हैं. इसके साथ ही 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि मेरठ, गुरुग्राम और पंजाब से आई खेप घरों, दुकानों और फैक्ट्रियों में छिपाकर रखी गई थी.
दिल्ली में त्योहारी सीजन से पहले अवैध पटाखों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए पुलिस ने 4600 किलो से ज्यादा का जखीरा जब्त किया है. राजधानी में अलग-अलग इलाकों में हुई कार्रवाई में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये कार्रवाई तब की गई है जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को काबू में रखने के लिए पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है.
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सबसे बड़ी बरामदगी 25 सितंबर को हुई. राजौरी गार्डन के विशाल एन्क्लेव इलाके में एक घर से 3580 किलो पटाखे बरामद किए गए. घर के हर हिस्से में, यहां तक कि रसोई में भी पटाखे भरे पड़े थे. इस मामले में परिवार के तीन सदस्यों सुशील कक्कड़, उनकी पत्नी उपासना और बेटे शिवम गिरफ्तार किया गया. ये पटाखे मेरठ, गुरुग्राम और गाजियाबाद से दिल्ली लाकर बेचने की तैयारी थी.
इससे पहले 16 सितंबर को बदरपुर के मोलादबंद इलाके में पुलिस ने एक छत वाले कमरे से 225 किलो पटाखे बरामद किए. आरोपी धर्मवीर सिंह ने इन्हें हरियाणा के पलवल से मंगवाया था. वह इन्हें शहर में बेचने की फिराक में था. 27 सितंबर को उत्तरी दिल्ली के विजय नगर इलाके में छापा मारकर 164 किलो पटाखे बरामद किए गए. इस मामले में ललित कुमार गुलाटी और मुकुल वासन नामक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
2 अक्टूबर को बिंदापुर के मटियाला गांव में पुलिस की टीम ने आइसक्रीम फैक्ट्री के रूप में चल रही एक यूनिट से 693 किलो पटाखे बरामद किए. आरोपी दिलबाग सिंह ने इन्हें पंजाब के कुराली से खरीदा था. दिल्ली में सप्लाई करने की तैयारी में था. पटाखों को फैक्ट्री में बेहद खतरनाक तरीके से छिपाकर रखा गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच कुल 4662 किलो पटाखे जब्त किए जा चुके हैं.
सभी मामलों में आरोपियों पर विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को मंडोली इलाके में पुलिस ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया. खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंडोली रोड पर जाल बिछाकर भगवती प्रसाद और उनके बेटे तरुण सिंघल को उस समय दबोच लिया. वे स्कूटर पर पटाखों की खेप पहुंचाने जा रहे थे. पुलिस को उनके पास से पटाखों के 71 डिब्बे मिले.
इसके बाद पुलिस ने मेन मंडोली रोड स्थित मेन सप्लायर के गोदाम पर छापा मारा. वहां से 818 डिब्बे प्रतिबंधित पटाखों के बरामद किए. पुलिस ने साफ किया है कि राजधानी में पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर आने वाले हफ्तों में और भी सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं, जो पटाखों के स्रोत तक पहुंचने और सप्लाई चेन तोड़ने में जुटी हैं. लोगों से भी पटाखे इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है.

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