
दिल्ली ब्लास्ट के बाद से लापता कश्मीर के डॉक्टर पर गहराया शक, राष्ट्र-विरोधी काम के लिए दो साल पहले हुआ था एक्शन
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दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट के बाद से लापता डॉक्टर निसार उल हसन की तलाश तेज कर दी है, जो कि अल फलाह यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जनरल मेडिसिन के प्रोफेसर के रूप में काम कर रहा था. पुलिस को जांच में पता चला है कि निसार को दो साल पहले राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कश्मीर में सरकारी सेवाओं से बर्खास्त किया गया था.
दिल्ली पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत एक और संदिग्ध कश्मीरी डॉक्टर निसार उल हसन की तलाश तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि संदिग्ध डॉक्टर दिल्ली ब्लास्ट के बाद से लापता है, जिससे डॉक्टर पर जांच एजेंसियों और पुलिस का शक गहरा गया है. जांच पता चला है कि निसार को दो साल पहले राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने पर कश्मीर में सरकारी सेवाओं से बर्खास्त किया गया था.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट के बाद से लापता अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत एक और कश्मीरी डॉक्टर पुलिस की रडार पर है, जिसकी तलाश तेज कर दी है. वह अल फलाह विश्वविद्यालय के अल फलाह अस्पताल में जनरल मेडिसिन के प्रोफेसर के रूप में काम कर रहा है.
2023 में भी हुआ था एक्शन
जांच में पता चला है कि डॉक्टर निसार को साल 2023 में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद कश्मीर में सरकारी सेवाओं से बर्खास्त किया गया था. वे श्री महाराजा हरि सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल श्रीनगर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत था. अब उसके लापता होने से पुलिस को उसके ऊपर शक और गहरा गया है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां लापता डॉक्टर की तलाश में जुटी हैं.
अब तक हिरासत में लिए 22 लोग
उधर, जैश मॉड्यूल मामले में अब तक 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 4 डॉक्टर, एक मौलवी और 17 संदिग्ध शामिल हैं. इनमें से 5 को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है. वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस के नेतृत्व में चल रहे पैन वैली अभियान में अब तक 900 से अधिक लोगों से पूछताछ हुई है, जिनमें पूर्व जमात-ए-इस्लामी कैडर और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोग शामिल हैं.

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