
दिल्ली: जल्द पूरा होगा पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का काम, MCD ने 13 हजार पेड़ों की पहचान
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दिल्ली में पेड़ों की जड़ों पर जमे कंक्रीट को हटाने के लिए एमसीडी ने जून तक की समय सीमा रखी है. साथ ही नगर निगम ने ऐसे 13 हजार से ज्यादा पेड़ों की पहचान की है. साथ ही बताया कि इन 13 हजार पेड़ों में से 12 से ज्यादा पेड़ों से कंक्रीट को हटा लिया गया है और बचे हुए पेड़ों से भी कंक्रीट हटाने का काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा.
दिल्ली नगर निगम ने 13 हजार से ज्यादा जगहों की पहचान की है, जहां पेड़ों की जड़ों पर कंक्रीट जमा हुआ है और पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का काम शुरू हो चुका है जो जून के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके लिए एमसीडी ने 13 हजार 428 जगहों की पहचान की है. इनमें से अब तक 12 हजार 512 पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटा दिया गया है. अभी 916 पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाया जाना बाकी है.
पेड़ों की जड़ से कंक्रीट हटाने के लिए नगर निगम ने 30 जून तक का समय सीमा तय की है. कंकड़-पत्थर और सीमेंट से ढके होने के कारण दिल्ली के हजारों पेड़ों की जड़ों को सालों से न तो पानी मिला रहा है और न ही हवा का संपर्क हो पा रहा है, जबकि कानून के मुताबिक पेड़ की जड़ों का एक मीटर का हिस्से पर मिट्टी होनी चाहिए. इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी निर्देश जारी किया है.
कंक्रीट से कमजोर हो रहे हैं पेड़: विशेषज्ञ
वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी को पेड़ों की जड़ों के दो मीटर के दायरे में रखना जरूरी है. यदि मिट्टी के ऊपर घास हो तो और भी अच्छा है, क्योंकि घास मिट्टी को नम रखती है, पेड़ों की जड़ों को साल भर आवश्यकतानुसार हवा और पानी मिलता रहता है. लेकिन जड़ें कंक्रीट से ढकी होने के कारण पुराने पेड़ों के तने लगातार कमजोर हो रहे हैं. इनके तने कंक्रीट से कट रहे हैं और सूख कर खोखले हो रहे हैं, जिससे तूफान के दौरान ये पेड़ तेजी से गिर रहे हैं.
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तूफान में गिरे थे 81 पेड़

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