
'तीन तलाक पर मोदी सरकार का फैसला सराहनीय', अहमदिया मुसलमानों ने की PM की तारीफ
AajTak
अहमदिया मुसलमानों ने बुधवार को एक कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तीन तलाक पर जो फैसला लेकर आई वह सराहनी है. उन्होंने कहा कि पीएम ने अल्पसंख्यकों के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, इसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और अल्पसंख्यकों के लिए कई कदम उठाए हैं, इसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए. अच्छी चीजों की सराहना की जानी चाहिए और हम उनकी सराहना करते हैं. यह बात अहमदिया मुस्लिम समुदाय के विदेश मामले के डायरेक्टर अहसान गौरी ने कही.
एनआईडी फाउंडेशन द्वारा आयोजित "ऑल इंडिया माइनॉरिटी कॉन्क्लेव -रोल ऑफ माइनॉरिटीज इन अमृत काल" कार्यक्रम में कई मुस्लिम संगठनों के नेताओं ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई कदम उठाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार की प्रशंसा की.
वहीं अहमदिया मुस्लिम यूथ एसोसिएशन अध्यक्ष तारिक अहमद ने कहा कि इस्लाम भी तीन तलाक को नहीं मानता. तीन तलाक को लेकर मोदी सरकार ने जो कदम लिया, वह अच्छा है. इससे महिला सशक्तीकरण और जो महिलाएं अपने अधिकार से वंचित रहीं, उनको स्थान देने के लिए भी अच्छा है, इसलिए हम हुकूमत के इस कदम की सराहना करते हैं.
मालूम हो कि मोदी सरकार ने 30 जुलाई 2019 में तीन तलाक विधेयक पारित किया था, जिसके बाद मुस्लिम समाज में तीन तलाक देना अपराध की श्रेणी में आ गया है. इस विधेयक को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 के नाम से जाना जाता है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








