
'तावडू की तरफ से 700 लोगों की भीड़ आई, साजिश के तहत नूंह में चले पत्थर-गोली', FIR में दर्ज इंस्पेक्टर के बयान की बड़ी बातें
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हरियाणा के नूंह में सोमवार को हिंसा हुई थी. हिंसक भीड़ ने 6 लोगों की जान ले ली. कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. दुकानें जला दीं. जबकि कई लोग घायल हो गए हैं. हिंसा के मामले में दर्ज FIR में इंस्पेक्टर पंकज कुमार के बयान दर्ज किए गए हैं. इसमें उन्होंने बताया कि किस तरह से 600-700 लोगों की भीड़ आई और पुलिस पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया. बाद में फायरिंग भी की.
हिंसा अपने पीछे जख्म छोड़कर जाती है, जिसमें दर्द छिपा होता है. आज नूंह उसी दर्द से गुजर रहा है, जिसके निशां इतनी आसानी से मिटने वाले नहीं हैं. 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में हिंसा भड़की थी. दो समुदायों के बीच टकराव हुआ था. इस हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. नूंह हिंसा के मामले में एक FIR में इंस्पेक्टर पंकज कुमार के बयान दर्ज किए गए हैं.
उन्होंने अपने बयान में कहा है कि हमने तावडू 600 से 700 उपद्रवियों को देखा. भीड़ में शामिल लोग अल्लाह-ओ-अकबर के नारे लगा रहे थे. थोड़ी देर बाद भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया. वे लगातार पथराव कर रहे थे. तभी भीड़ के बीच से कुछ लोगों ने फायरिंग कर दी. उनका कहना है कि उन्होंने और इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने माइक्रोफोन के जरिए भीड़ को समझाने की कोशिश की कि कानून अपने हाथ में न लें, लेकिन भीड़ पथराव करती रही और तड़ातड़ गोलियां चलती रहीं. तभी एक गोली इंस्पेक्टर अनिल कुमार को लग गई. वह घायल हो गये और एक अन्य एएसआई जगवीर भी घायल हो गए.
इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने अपने बयान में कहा कि 600-700 लोगों उग्र भीड़ इस कदर बेकाबू हो चुकी थी कि वह पुलिसकर्मियों को जान से मारने की नीयत से पथराव और फायरिंग करने लगे. इस घटना सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है. एफआईआर में कहा गया है कि मजबूरन पुलिस को एके-47 और सर्विस पिस्टल से हवाई फायरिंग करनी पड़ी. लेकिन बदमाशों की मंशा 'पूर्व नियोजित तरीके से साजिश' के तहत पुलिस पर हमला करने की थी. मैं इसमें कुछ लोगों को पहचान सकता हूं. उन्होंने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
ये है FIR की कॉपी...
'पुलिस हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकती'
उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोगों से राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि ये भी सच है कि हम हर किसी की रक्षा नहीं कर सकते. कोई भी पुलिस या सेना भी इसकी गारंटी नहीं दे सकता. सीएम खट्टर ने कहा कि प्रदेश की आबादी 2.7 करोड़ है. हमारे पास 60 हजार जवान हैं, ऐसे में पुलिस हर व्यक्ति की सुरक्षा नहीं कर सकती. हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम में सोमवार और मंगलवार को हुई हिंसा के बारे में बात करते हुए खट्टर ने कहा कि भीड़ की हिंसा में जिन लोगों ने अपनी संपत्ति खोई है, उन्हें मुआवजा मिलेगा.

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