
तारिक रहमान और 'हवा भवन' का काला अतीत... भारत विरोधी छवि से बाहर निकल पाएंगे Dark Prince?
AajTak
तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं. वे 2008 से लंदन में रह रहे थे और वहीं से BNP का नेतृत्व कर रहे थे. शेख हसीना शासनकाल में उन पर कई मामलों में सजा सुनाई गई थी, जिन्हें BNP राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताता रहा है.
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पॉश इलाके बनानी में आज 'The Azure' नाम से एक आलीशान बहुमंजिला इमारत खड़ी है. कांच और स्टील से बनी यह इमारत दूर से दिखती है. लेकिन करीब दो दशक पहले इसी जमीन पर खड़ा था हवा भवन. यह हवा भवन किसी जमाने में आधुनिकता का प्रतीक नहीं था बल्कि बाहुबल और आतंक का अड्डा था.
यह हवा भवन बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष और ‘डार्क प्रिंस’ कहलाने वाले तारिक रहमान का विवादित पॉलिटिकल ऑफिस था. 2001 से 2006 के बीच बीएनपी के शासनकाल में हवा भवन बांग्लादेश में एक वैकल्पिक सत्ता केंद्र था. यह हवा भवन बांग्लादेश के राष्ट्रपति भवन (गणभवन) से महज छह किलोमीटर की दूरी पर था. गणभवन से तत्कालीन प्रधानमंत्री खालिदा जिया सरकार चलाती थीं तो हवा भवन से तारिक रहमान सत्ता की कमान संभालते थे. उस समय बड़े पैमाने पर आरोप लगे कि बांग्लादेश की सरकार हवा भवन से तारिक रहमान ही चला रहे थे.
इसे उस समय के राजनयिकों, खुफिया अधिकारियों, पत्रकारों और यहां तक कि बीएनपी के नेताओं ने भी स्वीकार किया कि सरकार के असल फैसले गणभवन से नहीं बल्कि हवा भवन से होते थे. 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले की साजिश भी यहां रची गई, जिसका मकसद तत्कालीन अवामी लीग प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या था.
रिपोर्टों के मुताबिक, हवा भवन दक्षिण एशिया के सबसे दुस्साहसी हथियार तस्करी अभियानों के केंद्र में भी रहा. 2004 की शुरुआत में, खुफिया एजेंसियों और सरकारी अधिकारियों की सक्रिय मदद से चटगांव बंदरगाह के जरिए हथियारों की एक पूरी खेप भारत के अलगाववादी संगठन ULFA के लिए मंगाई गई. यहां फाइलें प्रधानमंत्री कार्यालय से भी तेज चलती थीं. व्यवसायी कतार में खड़े रहते थे. राजनीतिक विरोधियों को मैनेज किया जाता था. राज्य संस्थाओं को मोड़ा जाता था. करीब 17 साल बाद, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे तारिक रहमान गुरुवार को बांग्लादेश लौटे.
बता दें कि 60 साल के तारिक रहमान लंदन से ही बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनकी मां खालिदा जिया 23 नवंबर से अस्पताल में भर्ती हैं.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






