
डेडलाइन खत्म तो तुर्की के पास पहुंचे ट्रंप, गाजा पीस प्लान पर हमास को राजी करवाने के लिए मांगी मदद
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस प्लान पर हमास और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच पहले चरण की बातचीत मिस्र में हो रही है. ये बातचीत 6 अक्तूबर को शुरू हुई थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर इजरायल और हमास के बीच शांति लाना चाहते हैं. इसके लिए उनका महत्वाकांक्षी गाजा पीस प्लान तैयार है. लेकिन इस प्लान पर हमास की हां-ना, हां-ना के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में ट्रंप ने अब तुर्की की मदद मांगी है.
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप एर्दोगन का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पीस प्लान को लेकर उनसे मदद मांगी है. ट्रांप चाहते हैं कि हम हमास को रजामंद करें कि वह इस पीस प्लान को बिना किसी शर्त के स्वीकार कर ले. हमास को किसी भी तरह यह प्लान मानने के लिए तैयार किया जाए.
उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हम हमास के संपर्क में हैं. हम सभी पक्षों के संपर्क में हैं. हम उन्हें समझा रहे हैं कि सबसे सही तरीका कौन सा है और फिलिस्तीन के लोगों के लिए क्या सही है. अमेरिकी दौरे और ट्रंप के साथ फोन वार्ता में हमने उन्हें समझाया कि किस तरह उद्देश्य को हासिल किया जा सकता है.
एर्दोगन ने कहा कि इस दौरान ट्रंप ने अनुरोध किया कि हम हमास से बातचीत करें और उन्हें इस पीस प्लान को मानने के लिए तैयार करें. इसके बाद हम तत्काल इसमें जुट गए.
बता दें कि मिस्र में इजरायल और हमास वार्ता के दौरान तुर्की के इंटेलिजेंस चीफ इब्राहिम कालिन भी मौजूद थे. इससे पहले हमास ने कहा कि वह ट्रंप के प्लान को लेकर मिस्र में हो रही बातचीत को लेकर आशान्वित हैं. हमास ने इस दौरान उन इजरायली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की सूची भी सौंपी, जिन्हें इस स्वैप डील के तहत छोड़ा जाना है.
लेकिन हमास ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं. संगठन ने स्पष्ट किया है कि कुछ शर्तें पूरी किए बिना सौदा संभव नहीं है. मिस्र के शर्म अल-शेख में इजरायल और हमास के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता हो रही है. यह वार्ता ट्रंप के 20 प्वॉइंट प्लान पर आधारित है, जिसका मकसद गाजा में स्थायी शांति लाना है.

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