
ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का मतलब 'अमेरिका अकेला' नहीं, रायसीना डायल़ॉग में बोलीं तुलसी गबार्ड
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दिल्ली में रायसीना डायलॉग में अपने संबोधन के दौरान, गबार्ड ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके.
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को 'अमेरिका अकेला' (America Alone) समझने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'इंडिया फर्स्ट' प्रतिबद्धता के समान ही है.
दिल्ली में रायसीना डायलॉग में अपने संबोधन के दौरान, गबार्ड ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके. हालांकि, इस दौरान उन्होंने अमेरिकी धरती से संचालित खालिस्तान समर्थक तत्वों की भारत की चिंताओं या ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल से अपने व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा का जिक्र नहीं किया.
गबार्ड, जो हिंदू धर्म का पालन करने के लिए जानी जाती हैं, ने अपने भाषण की शुरुआत नमस्ते और जय श्री कृष्ण से की. उन्होंने कहा कि यह शब्द शाश्वत दिव्य आत्मा को प्रतिबिंबित करते हैं, जो हमारे हृदयों में बसती है और यह हमें याद दिलाता है कि हम सभी जुड़े हुए हैं, चाहे हमारी जाति, नस्ल या धर्म कुछ भी हो.
भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर गबार्ड का दृष्टिकोण
गबार्ड ने कहा कि भारत-अमेरिका के संबंधों में आगे बढ़ने की बड़ी संभावनाएं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को 'अमेरिका अकेला' समझने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की 'इंडिया फर्स्ट' नीति या न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की 'न्यूजीलैंड फर्स्ट' नीति जैसी ही है.
उन्होंने कहा, यह किसी भी नेता का अपने देशवासियों के प्रति कर्तव्य है कि वह उनके हितों को सर्वोपरि रखे और उनकी सेवा करे. गबार्ड ने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को उन नेताओं में गिनना गलत होगा, जो अन्य देशों के साथ संबंधों को महत्व नहीं देते, क्योंकि वे साझा हितों के लिए मिलकर काम करने में विश्वास रखते हैं.

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