
झारखंड कांग्रेस में खुलकर सामने आई अंतर्कलह, प्रदेश अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग
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कांग्रेस नेता आलोक कुमार दुबे ने कहा चुनाव प्रचार के दौरान अगर कोई झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर को राय देता था या सवाल पूछता था या फोन करता था तो व्यंग्यात्मक जवाब देते थे कि मैं चुनाव हार भी जाऊंगा तो भी मैं ही अध्यक्ष रहूंगा.
झारखंड कांग्रेस में घमसान और अंतर्कलह फिर से खुलकर सतह पे दिख रही है. रामगढ़ उप चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की हार और तीन निलंबित विधायकों के खिलाफ सरकार गिराने की साजिश को लेकर बंगाल और रांची में दर्ज जीरो एफआईआर को हाई कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व की किरकिरी हो रही है. उनके खिलाफ सोशल मीडिया समेत सब जगह खुलकर बोला जा रहा है.
'राजेश ठाकुर को अध्यक्ष पद से बर्खास्त करें'
उपचुनाव परिणाम पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, ने कहा कि हाईकमान एक दिन भी बिना देरी किए हुए राजेश ठाकुर को अध्यक्ष पद से बर्खास्त करे क्योंकि नैतिकता तो प्रदेश अध्यक्ष में है ही नहीं.
'हेमन्त सोरेन के प्रयासों से सम्मानजनक स्थिति में रहे'
कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा रामगढ़ का उपचुनाव संघर्ष, बलिदान, ममत्व, वेदना, भावनाओं का चुनाव था और यह चुनाव जानबूझकर ,सोची समझी रणनीति के तहत हारा गया है. राजेश ठाकुर एवं उनके अपरिपक्व साथियों ने पहले दिन से ही हार स्वीकार कर ली थी. शुरू से ही एनडीए चुनाव में जीत को लेकर जनता के बीच संदेश पहुंचाने में कामयाब हो गए थे.
कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा हमें हेमन्त सोरेन को धन्यवाद देना चाहिए जिनके चार दिनों के अथक प्रयासों की वजह से हम सम्मानजनक स्थिति में रहे वरना हमारी जमानत जब्त होने से कोई नहीं रोक सकता था. हेमन्त सोरेन के प्रचार में उतरते ही माहौल बदला वरना चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष तो क्लब में बैठकर मंथन कर रहे थे. चुनाव के समय एआईसीसी मेम्बर बना रहे थे,अपने आपको बचाने के लिए कार्यकर्ताओं को रायपुर भेज रहे थे, कमिटी गठन की घूम-घूम कर वाहवाही बटोर रहे थे, चुनाव में किस नेता की कहां जरुरत है, विजय कैसे होगी इसकी कोई रणनीति, ब्लूप्रिंट तैयार नहीं था.

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