
'जिस दिल्ली की कानून-व्यवस्था गृह मंत्री के अधीन, वहां MLA से मांगी जा रही रंगदारी', संजय सिंह ने उठाए सवाल
AajTak
दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी को घेरा और गृह मंत्री अमित शाह पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस दिल्ली की कानून-व्यवस्था गृह मंत्री अमित शाह के अधीन है, वहां विधायकों से रंगदारी मांगी जा रही है.
दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के दो विधायकों को मिली जान से मारने की धमकी को लेकर अब सियासत गर्म होती दिख रही है. शनिवार को AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा.
संजय सिंह ने कहा कि जिस दिल्ली की कानून-व्यवस्था भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गृह मंत्री के अधीन है, वहां आम आदमी पार्टी के विधायकों को 24 बार कॉल करके हत्या करने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि 20 जून को बुराड़ी से विधायक संजीव झा को तीन बार कॉल आई और 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई.
AAP के राज्यसभा सांसद ने कहा कि संजीव झा को रंगदारी न देने पर पूरा परिवार खत्म करने की भी धमकी दी गई. उन्होंने कहा कि अंबेडकरनगर से विधायक अजय दत्त से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी गई और धमकी दी गई. संजय सिंह ने AAP विधायकों को धमकी के मामले में दिल्ली पुलिस और गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि विधायकों से प्रोटेक्शन मनी मांगी जा रही है. संजय सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि कानून-व्यवस्था ऐसे ही चलनी है? अजय दत्त को पिस्टल की फोटो भी भेजी गई है. एक ही नंबर से कॉल और मैसेज आया है. उन्होंने ये भी कहा कि हम जल्द ही इस मामले को लेकर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से भी मिलेंगे.
21 जून को हुई FIR
आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि 21 जून को FIR दर्ज हुई लेकिन पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने कहा कि भय का माहौल खत्म करने की अपील करता हूं. वहीं, विधायक अजय दत्त ने कहा कि हम तो सिर पर कफन बांध के घूमते हैं लेकिन ऐसी कानून-व्यवस्था रही तो आम जनता का क्या हाल होगा?

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









