
जानिए क्या है रिमोट वोटिंग फैसिलिटी जिसे NRIs के लिए शुरू करने पर विचार कर रही सरकार?
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कानूनन वोट देने के लिए व्यक्ति को पोलिंग बूथ पर मौजूद रहना ही होता है. सिर्फ सर्विस वोटर्स को ही इससे छूट मिली हुई है. लेकिन जल्द ही NRIs भी ऐसी सुविधा मिल सकती है. इसके लिए रिमोट वोटिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि NRIs और प्रवासी भी जहां रह रहे होंगे, वहीं वोट दे सकेंगे.
विदेशों में रह रहे NRI को जल्द ही वोट देने का अधिकार मिल सकता है. अच्छी बात ये है कि वोट देने के लिए उन्हें भारत आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. वो जहां रह रहे हैं, वहीं से वोट दे सकते हैं. इसके लिए सरकार रिमोट वोटिंग शुरू कर सकती है. सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है.
सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि विदेशों में रह रहे NRI और प्रवासी मजदूरों को भी इलेक्टोरल प्रोसेस का हिस्सा बनाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया था कि इन्हें वोटिंग का अधिकार देने के लिए संसद में बिल भी लाया गया था, लेकिन ये पास नहीं हो सका.
सरकार की ओर से भरोसा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2013 से दाखिल याचिका पर सुनवाई बंद करने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस बेला त्रिवेदी की बेंच ने इन याचिकाओं पर सुनवाई बंद करने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट में 2013 में NRIs ने वोटिंग का अधिकार देने के लिए याचिका दायर की थी. इसमें दलील दी थी कि बस नियमों में बदलाव करके ही NRIs को वोटिंग का अधिकार दिया जा सकता है और इसके लिए कानून में संशोधन करने की जरूरत नहीं है.
इससे पहले इसी साल जून में चुनाव आयोग ने भी बताया था कि दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी वोटर्स चुनावों में वोट नहीं डाल पाते और वोटिंग के अधिकार से वंचित रह जाते हैं, इसलिए रिमोट वोटिंग की संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं.
क्या है रिमोट वोटिंग?

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