
'जनता ने तय कर दिया गद्दार कौन... खुद्दार कौन', कुणाल कामरा विवाद के बीच विधानपरिषद में बोले एकनाथ शिंदे
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स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ विधान परिषद में विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया गया है. एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जनता के न्यायालय में यह निर्णय लिया गया है कि गद्दार कौन है और खुद्दार कौन है. शिंदे ने विरोधियों को आत्ममंथन करने की सलाह दी है.
महाराष्ट्र में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा राजनेताओं का मजाक उड़ाने का मामला सुर्खियों में है. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को लेकर कामरा का गाना विवाद का विषय बन गया है. विवाद के बीच शिंदे ने विधान परिषद में कहा कि जनता के न्यायालय में यह निर्णय लिया गया है कि गद्दार कौन है और खुद्दार कौन है. वहीं, बीजेपी विधायक प्रवीन दरेकर ने कामरा के खिलाफ विधान परिषद में विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया है.
एकनाथ शिंदे ने विधानपरिषद में क्या कहा?
महाराष्ट्र विधान परिषद में एकनाथ शिंदे ने कामरा का बिना नाम लिए हुए कहा, "जनता के न्यायालय में यह निर्णय लिया गया है कि गद्दार कौन है और खुद्दार कौन है, और आइने में देख कर किसी का वंश नहीं बताया जा सकता. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाले विरोधियों ने महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान कई लोगों की अभिव्यक्ति स्वतंत्रता पर रोक लगाई."
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यह अप्रत्यक्ष रूप से शिवसेना के यूबीटी गुट पर कटाक्ष था. शिंदे ने यह भी कहा कि चाहे कितनी भी सुपारी देकर बदनामी की मुहिम चलाई जाए, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता. शिंदे ने विरोधियों को आत्ममंथन करने की सलाह दी.
कुणाल कामरा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन

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