
चुनाव में टिकट बांटने-काटने का रिपोर्ट कार्ड कैसे होता है तैयार? समझें- BJP का 7 प्वॉइंट फॉर्मूला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लोकसभा चुनाव में एनडीए को 400 पार और बीजेपी को 370 से ज्यादा सीटें जिताने का लक्ष्य रखा है. खुद पीएम मोदी इसकी कमान संभाले हुए हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी की पहली लिस्ट चौंका सकती है. कई सांसदों के टिकट कट सकते हैं. जिनकी उम्र ज्यादा हो गई है, उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है.
लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार कौन बनेगा? इसे तय करने के लिए गुरुवार को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हुई. इस बैठक में 17 राज्यों की लोकसभा सीटों पर देर रात लगभग चार घंटे तक मंथन हुआ.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसके अलावा बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और तमाम बड़े नेता मौजूद थे.
बताया जा रहा है कि इस बैठक में एनडीए की सहयोगी पार्टियों के साथ सीट बंटवारे पर भी चर्चा हुई. इस चार घंटे की बैठक में क्या निकलकर आया, ये अब तक तो साफ नहीं हुआ है. लेकिन इतना माना जा रहा है कि एक या दो दिन में बीजेपी की पहली लिस्ट आ सकती है.
क्या कट सकते हैं टिकट?
इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नए कलेवर के साथ उतरने के मूड में है. ज्यादातर सांसदों-मंत्रियों का टिकट कट सकता है. लेकिन ऐसे कयास क्यों, इसे चार खबरें पुख्ता करती हैं.
पहली खबर है कि इस बार 60 से 70 सांसदों का टिकट कट सकता है. दूसरी खबर है कि यूपी-बिहार समेत कई राज्यों से आने वाले कुछ मंत्रियों के टिकट भी कट सकते हैं. तीसरी खबर है कि तीन मार्च को आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों के टिकट कटने की खबर आ सकती है. चौथी खबर है कि लगातार दो बार जीत चुके और उम्रदराज हो चुके सांसदों को बाहर कर नए चेहरे उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं.

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