
चुनाव आयोग ने दिया शरद गुट को नोटिस, अजित खेमे के असली NCP के दावे वाली याचिका पर मांगा जवाब
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महाराष्ट्र में अजित गुट द्वारा शरद पवार से बगावत करने के बाद NCP का सियासी संग्राम चुनाव आयोग तक पहुंच गया था. इस मामले में चुनाव आयोग ने शरद पवार ग्रुप को नोटिस जारी किया है. दरअसल, अजित गुट की ओर से दावा किया गया था कि वही असली एनसीपी है.
महाराष्ट्र में अजित गुट द्वारा शरद पवार से बगावत करने के बाद NCP का सियासी संग्राम चुनाव आयोग तक पहुंच गया था. इस मामले में चुनाव आयोग ने शरद पवार ग्रुप को नोटिस जारी किया है. अजित पवार ग्रुप ने 30 जून को चुनाव आयोग को सूचित किया था कि पार्टी की ओर से NCP का अध्यक्ष बदल दिया गया है. साथ ही अजित को अध्यक्ष नियुक्त किया है. अजित गुट ने ये भी दावा किया था कि असली एनसीपी वही हैं. लिहाजा अजित गुट ने चुनाव आयोग में एनसीपी और चुनाव चिह्न पर दावा करने संबंधी याचिका दाखिल की थी.
बता दें कि अजित के नेतृत्व वाले गुट कहा था कि चुनाव आयोग को एक हलफनामे के जरिए सूचित किया गया है कि उन्हें 30 जून 2023 को NCP के सदस्यों द्वारा साइन किए हुए प्रस्ताव के माध्यम से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था. इस प्रस्ताव पर विधायी और संगठनात्मक दोनों विंग के सदस्यों के हस्ताक्षर थे. साथ ही कहा गया था कि प्रफुल्ल पटेल राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने रहेंगे.
पिछले महीने लंबी अटकलों के बाद NCP नेता अजित पवार महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे. अजित पवार ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी. 2 जुलाई को पवार के साथ छगन भुजबल सहित 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद अजित पवार ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि उन्हें NCP के सभी लोगों का आशीर्वाद मिला हुआ है.
हालांकि अजित गुट के लिए एनसीपी के चुनाव चिह्न पर कब्जा कर पाना इतना आसान नहीं होगा. नियम के मुताबिक दोनों गुटों को खुद को असली एनसीपी साबित करने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों और सांसदों का बहुमत हासिल होना जरूरी है. केवल बड़ी संख्या में विधायकों का सपोर्ट हासिल होने भर से पार्टी पर किसी का अधिकार साबित नहीं हो जाता. चुनाव आयोग सांसदों और पदाधिकारियों के समर्थन को भी ध्यान में रखते हुए यह फैसला लेगा.

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