
'चीन हो या कोई और अपनी जमीन किसी को नहीं लेने देंगे...', अरुणाचल में चीनी घुसपैठ के दावों पर बोले रिजिजू
AajTak
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा,'हम सभी स्थिति जानते हैं. भारत सरकार, हमारा रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय बातचीत में लगे हुए हैं. हमारी स्थिति स्पष्ट है कि चीनी सेना या चीनी बलों को उनके नियंत्रण रेखा के बाहर किसी भी प्रकार की स्थायी संरचना बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.'
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के नए दावे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान सामने आया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा,'सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में दिखाया गया कि चीनी PLA (सेना) ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में कुछ निशान लगाए हैं.'
किरेन रिजिजू ने आगे कहा,'हम सभी स्थिति जानते हैं. भारत सरकार, हमारा रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय बातचीत में लगे हुए हैं. हमारी स्थिति स्पष्ट है कि चीनी सेना या चीनी बलों को उनके नियंत्रण रेखा के बाहर किसी भी प्रकार की स्थायी संरचना बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.'
निशान लगाने की कोशिश करती है PLA
केंद्रीय मंत्री ने कहा,'अरुणाचल प्रदेश में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कुल क्षेत्रफल अनिर्धारित है. शुरू से ही सीमाओं का सीमांकन नहीं किया गया है. तो ऐसी स्थिति में, हमारी भारतीय सेनाएं और चीनी सेनाएं एक-दूसरे के नियंत्रित क्षेत्र में आती-जाती रहती हैं. दुर्गम और अनिर्धारित इलाकों के कारण, कभी-कभी गश्त करने वाली पार्टी ऐसे क्षेत्र में चली जाती है, जो निर्धारित नहीं किए गए हैं. वे निशान लगाने की कोशिश करते हैं, जमीन पर कुछ तरह की चीजें भी डालते हैं.'
स्थायी संरचना बनाने की अनुमति नहीं
घुसपैठ के दावे पर बात करते हुए रिजिजू ने कहा,'जब से हमारी सरकार आई है, चीन को हमारी नियंत्रण रेखा के अंदर कोई स्थायी संरचना स्थापित करने की अनुमति नहीं दी गई है और न ही दी जाएगी. हम अपनी जमीन किसी भी दूसरे देश को नहीं हड़पने देंगे. चाहे वह चीन हो या कोई और देश.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









