
चारधाम यात्रा 2025: बाबा केदार के धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, अब तक 8 लाख से ज्यादा पहुंचे श्रद्धालु
AajTak
चारधाम यात्रा 2025 में अब तक आठ लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. केदारनाथ में सर्वाधिक तीन लाख से अधिक यात्री पहुंचे हैं. सबसे व्यस्त दिन 13 मई रहा जब 60 हजार 820 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. यात्रा प्रबंधन संगठन ने यात्रियों से पंजीकरण और मौसम अनुसार यात्रा योजना बनाने की अपील की है.
उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा 2025 में इस बार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. 16 मई को जारी चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन, ऋषिकेश की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक आठ लाख सत्रह हजार सात सौ चौदह श्रद्धालु चारधामों में दर्शन कर चुके हैं. केवल आज की बात करें तो तिरेपन हजार इक्यानवे यात्री विभिन्न धामों में पहुंचे.
दरअसल, शुक्रवार को धामवार आंकड़े यमुनोत्री: 8 हजार 478, गंगोत्री- 9 हजार554, केदारनाथ- 21 हजार 758 और बदरीनाथ- 13 हजार 301 रही. चारधामों में अब तक कुल दर्शन करने वालों में सबसे अधिक श्रद्धालु बाबा केदार की नगरी पहुंचे हैं. अब तक के आंकड़े की बात करें तो, केदारनाथ में 3 लाख 35 हजार 177, बदरीनाथ में 1 लाख 93 हजार 239, गंगोत्री में 1 लाख 57 हजार 686, यमुनोत्री में 94 हजार 198 चारधाम यात्रा के दौरान अब तक सबसे व्यस्त दिन 13 मई रहा, जब 60 हजार 820 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.
यह भी पढ़ें: चारधाम यात्रा के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ समिति को मिला नया नेतृत्व, अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति
प्रबंधन संगठन ने अपील की है कि श्रद्धालु केवल सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर निकलें और मौसम की स्थितियों को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके. चारधाम यात्रा का यह उत्साह, श्रद्धा और अनुशासन का संगम बनकर उभरा है.
कम हो गए 31 फीसदी तीर्थ यात्री

क्या मुनीर की सेना काबुल में अपना टारगेट चूक लिया? पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 6 स्ट्राइक्स किए. पाक ने दावा किया है कि कैंप फीनिक्स पर आतंकियों का हथियार गोदाम को टारगेट किया. लेकिन तालिबान ने आरोप लगाया है कि काबुल का ओमिद अस्पताल निशाना बना, जिसमें 400 मौतें हुईं. अस्पताल कैंप से कई किमी दूर है.

नैनीताल में तूफान और ओलावृष्टि से बिजली व्यवस्था दो दिन तक ठप रही, जिससे 80 हजार लोग प्रभावित हुए. इसी बीच गहराते एलपीजी संकट ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. गैस की कमी के चलते होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है. बिजली बहाल होने के बाद भी शहर पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है और रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है. वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में गैर-सनातनी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक की बात कही है.

दिल्ली के रूप नगर में 33 साल पुराना लोहे का फुट ओवरब्रिज मंगलवार सुबह गिर गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई. यह पुल पहले से ही असुरक्षित घोषित था और जुलाई 2025 से बंद था, फिर भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे. सिंचाई मंत्री परवेश साहिब सिंह ने हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बनाई है और 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही दिल्ली के सभी पुराने पुलों की जांच के आदेश दिए गए हैं.









