
चंद्रपुर में बाघ का कहर, पत्ते बीनने गई तीन महिलाओं को बनाया शिकार
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चंद्रपुर में बाघ ने एक ही जगह पर तीन महिलाओं को अपना शिकार बना लिया. बाघ ने हमला उस वक्त किया जब महिलाएं पत्ते बीनने जंगल गई थीं. अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कांता बाई चौधरी, उनकी बहू शुभांगी चौधरी और सरिका शेंडे के रूप में हुई है. पीड़ित महिला वंदना गजबिये इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. एक बाघ ने एक ही जगह और लगभग एक ही समय पर तीन महिलाओं को अपना शिकार बना लिया. यह घटना सिंदेवाही वन परिक्षेत्र में हुई है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सभी महिलाएं मेढा माल गांव की निवासी थीं और सुबह करीब 11:30 बजे तेंदू पत्ते बीनने जंगल गई थीं. इसी दौरान अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कांता बाई चौधरी (60), उनकी बहू शुभांगी चौधरी (38) और सरिका शेंडे (48) के रूप में हुई है.
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को सिंदेवाही के सरकारी अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह हमला बेहद असामान्य है, क्योंकि आमतौर पर बाघ एक ही समय पर एक से अधिक इंसानों को निशाना नहीं बनाता.
इस घटना के कुछ ही समय बाद, पहले हमले के स्थान से करीब पांच किलोमीटर दूर एक और महिला पर बाघ ने हमला कर दिया. पीड़ित महिला वंदना गजबिये (50) इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वन विभाग ने इलाके में चेतावनी जारी कर दी है और स्थानीय लोगों से जंगल की ओर न जाने की अपील की है. साथ ही बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैकिंग टीम भी तैनात कर दी गई है. इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है और ग्रामीणों में गुस्सा और भय का माहौल है.
वन अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और बाघ को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

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