
'गौमाता से लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं...', बीफ खाने के शक में प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या पर बोले CM नायब सैनी
AajTak
चरखी-दादरी की इस घटना को लेकर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का बयान भी सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि हमने गौमाता की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाया है. इसके लिए कोई समझौता नहीं है. लोगों के मन में गौमाता के लिए आस्था है. उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं. जब ऐसी कोई सूचना आती है, तो गांव के लोग प्रतिक्रिया करते हैं.
हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बधरा गांव में पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि पीड़ित के बीफ खाने के संदेह को लेकर गौरक्षक समूह के लोगों ने उसके साथ मारपीट की. हालांकि पुलिस ने इस मामले में गौरक्षक समूह के 5 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है. इनके अलावा 2 नाबालिग आरोपियों को भी पकड़ा है. ये घटना 27 अगस्त को हुई थी.
चरखी-दादरी की इस घटना को लेकर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का बयान भी सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि हमने गौमाता की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून बनाया है. इसके लिए कोई समझौता नहीं है. लोगों के मन में गौमाता के लिए आस्था है. उनकी भावनाएं जुड़ी हुई हैं. जब ऐसी कोई सूचना आती है, तो गांव के लोग प्रतिक्रिया करते हैं. सीएम सैनी ने कहा कि मैं इस बात पर जोर देता हूं कि लिंचिंग की ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और नहीं होनी चाहिए.
यह भी पढ़ें: हरियाणा के चरखी दादरी में प्रवासी मजदूर की हत्या, गौमांस खाने के शक में बेरहमी से पीटा
पुलिस ने बताया कि गौरक्षक समूह के लोगों को संदेह था कि पीड़ित ने बीफ खाया है, इसी मामले में गौरक्षक समूह के अभिषेक, मोहित, रविंदर, कमलजीत और साहिल ने पीड़ित साबिर मलिक को खाली प्लास्टिक की बोतलें बेचने के बहाने एक दुकान पर बुलाया और फिर उसकी पिटाई की. पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद सभी आरोपी पीड़ित साबिर मलिक को दूसरी जगह ले गए और फिर से उसके साथ जमकर मारपीट की. जिससे उसकी मौत हो गई.
यह भी पढ़ें: हरियाणा में बीफ खाने के शक में प्रवासी मजदूर की पीट-पीटकर हत्या, पुलिस ने गौरक्षा समूह के 5 लोगों को दबोचा
पुलिस ने बताया कि साबिर मलिक चरखी दादरी जिले के बधरा गांव के पास एक झुग्गी में रहता था और आजीविका के लिए कचरा और कूड़ा इकट्ठा करता था. पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








