
गोवा: हत्या की वारदात के बाद रेस्टोरेंट को ढहाने का आदेश, मालिक पर 25 लाख का लगाया जुर्माना
AajTak
गोवा के अरंबोल बीच पर स्थित एक शैक (समुद्री बीच पर बने अस्थाई रेस्टोरेंट) को पर्यटन विभाग ने ध्वस्त करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई शैक के तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद की गई है, जिन पर एक व्यक्ति की हत्या का आरोप है. जिसकी हत्या की गई, उसने शैक के सामने अवैध रूप से रखी गई टेबलों पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कर्मचारियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी.
गोवा पर्यटन विभाग (Goa Tourism Department) ने अरंबोल बीच पर स्थित एक शैक (झोपड़ी) को ध्वस्त करने का आदेश दिया है. इसी के साथ उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. यह कार्रवाई झोपड़ी के तीन कर्मचारियों की हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद की गई है. पर्यटन विभाग ने शैक के मालिक मैनुअल एस्प्रिटाओसांतो फर्नांडीस पर ₹25 लाख का जुर्माना भी लगाया है.
एजेंसी के अनुसार, रविवार को 37 वर्षीय अमर बांदेकर की शैक कर्मचारियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, बांदेकर ने बीच पर अवैध रूप से रखी गई टेबलों को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बांदेकर पर चाकू से हमला किया गया. मंडरेम पुलिस ने इस मामले में शैक के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है.
यह भी पढ़ें: पत्नी की हत्या, कूकर में उबाले शव के टुकड़े और हड्डियों को पीसा... आरोपी के कुबूलनामे के बाद हैदराबाद पुलिस का खौफनाक खुलासा!
गोवा पर्यटन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि शैक मालिक फर्नांडीस ने इसे गैरकानूनी तरीके से किसी और को किराए पर दिया था, जो नियमों के विपरीत है. इस पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए शैक का लाइसेंस रद्द कर दिया. इसी के साथ 25 लाख का जुर्माना लगाया है और सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त कर लिया है.
विभाग ने आदेश में कहा है कि यदि फर्नांडीस सात दिनों के भीतर शैक नहीं हटाते तो विभाग इसे खुद तोड़ देगा और खर्च की भरपाई उनसे करेगा. इसके अलावा, फर्नांडीस को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जिससे वह भविष्य में किसी भी शैक नीति के तहत आवेदन नहीं कर पाएंगे.
शैक (Shack) क्या होता है?

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










