
गोवा में मरे हुए व्यक्ति के नाम पर बार का लाइसेंस, आबकारी विभाग ने जारी किया नोटिस, कांग्रेस ने स्मृति ईरानी को घेरा
AajTak
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी के गोवा स्थित रेस्टोरेंट एंड बार पर कांग्रेस हमलावर हो गई है. कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि 13 महीने पहले मरे हुए व्यक्ति के नाम पर बार का फर्जी लाइसेंस लिया गया है. इसको लेकर एक्साइज कमिश्नर ने नोटिस भी जारी किया है. अब उस आबकारी अधिकारी का ट्रांसफर किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी के गोवा स्थित रेस्त्रां को लेकर कांग्रेस ने बड़ा हमला किया है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि वह जिस पार्टी से जुड़ी हैं, उनकी बेटी भी बहुत संस्कारी होनी चाहिए, लेकिन वो गोवा में एक रेस्टोरेंट चला रही है, जिसने 13 महीने पहले मरे हुए एक शख्स के नाम पर फर्जी लाइसेंस हासिल किया है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि गोवा में कानून एक व्यक्ति को एक लाइसेंस की अनुमति देता है. इसे "तुलसी संस्कारी बार", बल्कि "सिली सोल बार" कहा जाता है. इस रेस्टोरेंट में एक नाम के तहत दो लाइसेंस हैं. इसके पास एक रेस्टोरेंट नीति के तहत लाइसेंस भी नहीं है.
आपकी पार्टी के लोग लुलु मॉल, हनुमान चालीसा के दीवाने हैं और उनके बच्चे संरक्षण में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. जिस अधिकारी ने लाइसेंसधारियों को नोटिस दिया था. जाहिर तौर पर उसका तबादला किया जा रहा है. गोवा के उस बार में सुरक्षा बल (बाउंसर) घूम रहे हैं.
इस बारे में जवाब दें स्मृति ईरानी: कांग्रेस
पवन खेड़ा ने स्मृति ईरानी से इस मामले में जवाब देने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी पर नेशनल हेराल्ड केस में सवाल पूछती हैं, लेकिन सिली सोल बार के बारे में कोई जवाब नहीं देती हैं. गोवा के इस अवैध बार को नोटिस भेजने का साहस दिखाने वाले आबकारी कमिश्नर की आज तलाश की जा रही है. स्मृति ईरानी, पीएम की सबसे पसंदीदा भी हैं, लेकिन उन्हें मोदी सरकार में मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए.
अलका ने साधा ईरानी और केजरीवाल पर निशाना

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










