
गोवा: जिस होटल में ठहरे थे शिवसेना के बागी, गलत पहचान बताकर रुके थे महिला-पुरुष, गिरफ्तार
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शिवसेना के बागी विधायक गोवा के एक वन स्टार होटल में रुके थे. बागी विधायक जिस होटल में रुके थे, उसके बाहर कड़ा सुरक्षा घेरा था. इसके बावजूद एक महिला और एक पुरुष गलत पहचान बताकर ठहरे थे. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार महिला एक राजनीतिक दल से जुड़ी बताई जा रही है.
महाराष्ट्र में सियासी ड्रामे के बीच शिवसेना के बागी विधायक पहले असम की राजधानी गुवाहाटी के एक होटल में रुके थे. शिवसेना के बागी विधायक मुख्यमंत्री पद से उद्धव ठाकरे के इस्तीफा देने के बाद गुवाहाटी से वापस लौटे और गोवा के एक होटल में डेरा जमा दिया. गोवा पुलिस ने होटल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे लेकिन फिर भी दो लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया. गलत पहचान बताकर उसी होटल में रुके दोनों को अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
पकड़े गए लोगों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक शिवसेना के बागी गुट के विधायक डोना पाउला इलाके के एक वन स्टार होटल में ठहरे थे. इसी होटल में एक महिला और एक पुरुष भी ठहरे थे. पुलिस के मुताबिक ये दोनों गलत पहचान बताकर इस होटल में रुके थे. इन दोनों पर आरोप ये भी है कि विधायकों के संबंध में तहकीकात करने की कोशिश कर रहे थे.
गोवा पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पकड़ी गई महिला एक राजनीतिक दल से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों और राजनीतिक दल के नाम का खुलासा नहीं किया है. पुलिस के मुताबिक महिला और पुरुष, दोनों ही एक दिन के लिए उस होटल में रुके थे.
गौरतलब है कि जिस होटल में शिवसेना बागी गुट के विधायक रुके थे, गोवा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. एकनाथ शिंदे के साथ करीब 50 विधायक इस होटल में 29 जून को पहुंचे थे. इस होटल के अंदर मीडियाकर्मियों को भी जाने की इजाजत नहीं थी. बागी विधायक एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 2 जुलाई की शाम गोवा से मुंबई के लिए रवाना हुए थे.
बता दें कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने बगावत कर दी थी. शिवसेना के बागी विधायकों को निर्दलीयों का भी साथ मिला. करीब नौ दिन तक चली रस्साकशी के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था लेकिन फ्लोर टेस्ट से राहत नहीं मिली जिसके बाद उद्धव ने सीएम की कुर्सी छोड़ दी थी.

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