
गुजरात सरकार को मछुआरों की परवाह नहीं, सीएम रुपाणी पर उनके मंत्री ने ही साधा निशाना
AajTak
सोलंकी ने पिछले महीने तटीय इलाकों में आए चक्रवात 'ताऊते' के बाद मछुआरों के लिए राज्य सरकार के 105 करोड़ रुपये के राहत पैकेज देने में हो रही देरी को लेकर नाखुशी जताई है. उन्होंने कहा कि ताऊते चक्रवात के बाद सबसे ज्यादा नुकसान खासकर समुद्र किनारे बसे मछुआरों को हुआ है.
गुजरात सरकार में मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने रुपाणी सरकार पर ताऊते तूफान के बाद लोगों को दी जाने वाली राहत सामग्री में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है. गुजरात के मत्स्य राज्य मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी ने मंगलवार को कहा कि मछुआरे परेशानी का सामना कर रहे हैं लेकिन उन्हें विजय रूपाणी सरकार से बहुत मदद नहीं मिल रही है. सोलंकी ने पिछले महीने तटीय इलाकों में आए चक्रवात 'ताऊते' के बाद मछुआरों के लिए राज्य सरकार के 105 करोड़ रुपये के राहत पैकेज देने में हो रही देरी को लेकर नाखुशी जताई है. उन्होंने कहा कि ताऊते चक्रवात के बाद सबसे ज्यादा नुकसान अमरेली के जाफराबाद, भावनगर के महुआ और उना जैसी जगह पर हुआ. खासकर समुद्र किनारे बसे मछुआरों को नुकसान हुआ है.
नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.









