
गुजरात: फेसबुक पोस्ट को लेकर व्यक्ति की हत्या, मंत्री ने कहा, जांच एटीएस को सौंपी गई
The Wire
गुजरात के अहमदाबाद ज़िले में बीते 25 जनवरी को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट करने को लेकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस संबंध में एक मौलवी समेत तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इस मामले में मृत युवक को बीते दिनों ज़मानत मिली थी.
गौरतलब है कि बीते 25 जनवरी को अहमदाबाद में धंधुका नगर के मोढवाड़ा इलाके में दो बाइक सवार हमलावरों ने किशन भरवाड़ की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद बीते 28 जनवरी को धंधुका निवासी शब्बीर चोपड़ा (25 वर्ष), इम्तियाज पठान (27 वर्ष) और जमालपुर निवासी मौलवी मोहम्मद अयूब जावरावाला (51 वर्ष) के रूप में पहचाने गए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
बीते 28 जनवरी को सुरेंद्रनगर जिले में बोलिया के पैतृक गांव चचाना का दौरा करने वाली संघवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘धंधुका में हुई हत्या की जांच शनिवार सुबह गुजरात एटीएस को सौंप दी गई है.’
छह जनवरी को किशन भरवाड़ ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर (वीडियो) किया था, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद (ग्रामीण) पुलिस ने द्वारा गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?

फरवरी महीने में सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में ज़मानत देने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस पंकज भाटिया की आलोचना की थी. अब एक पड़ताल में सामने आया है कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच जस्टिस भाटिया की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने दहेज संबंधित हत्या के 510 मामले सुने थे, जिनमें से 508 केस में उन्होंने आरोपी की ज़मानत मंज़ूर की.

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को बदलने का आदेश दिया है. नौकरशाही में इस फेरबदल के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सोमवार को राज्यसभा से वॉकआउट किया.



