
गहलोत बने रहेंगे CM या पायलट को कमान? राजस्थान संकट पर 2 दिन में सोनिया लेंगी आखिरी फैसला
AajTak
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राजस्थान मसले पर भी बयान दिया. उनसे पूछा गया कि क्या अशोक गहलोत सीएम बने रहेंगे? इस पर वेणुगोपाल ने जवाब दिया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अगले दो दिन में इस संबंध में फैसला लेंगी. बता दें कि आज दोपहर में अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है.
कांग्रेस में अध्यक्ष पद पर चुनाव के बीच राजस्थान के सियासी घटनाक्रम ने पार्टी हाईकमान की भी मुश्किलें बढ़ा दी थीं. अब धीरे-धीरे राजनीतिक पटाक्षेप शुरू हो गया है. गुरुवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पूरे मामले में बयान जारी किया है. वेणुगोपाल ने कहा है कि अध्यक्ष पद के लिए 30 सितंबर को नामांकन की आखिरी तारीख है. कल आखिरी नॉमिनेशन के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी. कल तक का इंतजार करना होगा.
वेणुगोपाल ने राजस्थान मसले पर भी बयान दिया. उनसे पूछा गया कि क्या अशोक गहलोत सीएम बने रहेंगे? इस पर वेणुगोपाल ने जवाब दिया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अगले दो दिन में इस संबंध में फैसला लेंगी. बता दें कि आज दोपहर में अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है. उसके बाद उन्होंने बयान में कहा कि मैंने पूरे घटनाक्रम को लेकर खेद जताया है और सोनिया गांधी से माफी मांग ली है. गहलोत ने ये भी कहा है कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लडूंगा. मैं राजस्थान का सीएम रहूंगा या नहीं, ये फैसला सोनिया गांधी पर है.
मुझे घटनाक्रम का पछतावा रहेगा: गहलोत
गहलोत ने आगे कहा- सोनिया गांधी से बातचीत हुई है. पिछले 50 साल में हमने कांग्रेस में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के वफादार सिपाही के तौर पर काम किया. सोनिया गांधी की वजह से राजस्थान का तीसरी बार सीएम बना. हाल के घटनाक्रम ने हिलाकर रख दिया है. ये प्रस्ताव हम मीटिंग में करते. एक लाइन का प्रस्ताव था. दुर्भाग्य से स्थिति बन गई कि प्रस्ताव पारित नहीं करा पाया. एक गलत संदेश चला गया. ऐसा लग रहा था कि मैं राजस्थान का सीएम रहना चाहता हूं. प्रस्ताव पारित कराने की परंपरा रही है. किन्हीं कारणों से मैं उस प्रस्ताव को पारित नहीं करा सका. मुझे इसका हमेशा पछतावा रहेगा. सीएम होने के बावजूद प्रस्ताव पास नहीं करा पाया. मैंने सोनिया जी से सॉरी कहा. मैं कांग्रेस का वफादार सिपाही हूं, मुझे जो घटना हुई राजस्थान में, उसका बहुत दुख है. इस घटना ने कई संदेश दिए. मीडिया किंगमेकर बन जाता है.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.

मेट्रो की छत फाड़कर नीचे निकला बोरवेल... 100 फीट नीचे बनी सुरंग में हुआ 6 इंच का छेद, ठेकेदार पर केस
पुणे के शिवाजी रोड इलाके में एक निजी बोरवेल की खुदाई के दौरान पुणे मेट्रो की भूमिगत सुरंग में छेद होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस लापरवाही ने न केवल करोड़ों की मेट्रो परियोजना की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे दिया था.

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.








