
गठबंधन धर्म, रोजगार का कर्म और... तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में मोदी सरकार ने तीन बातों का रखा ध्यान
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नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन से ही इस बार नरेंद्र मोदी की बहुमत की सरकार है. ऐसे में सवाल है कि क्या यही कारण है कि जितना बाकी नहीं पाए उससे ज्यादा आंध्र और बिहार के लिए बजट में अबकी बार है? कारण, 48 लाख 21 हजार करोड़ रुपये के मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में अकेले बिहार और आंध्र प्रदेश को 1 लाख करोड़ से ज्यादा की सौगात विकास के नाम पर दिया है.
क्रिकेट मैच में सचिन, धोनी, विराट, रोहित जैसे बड़े बल्लेबाज भी बाउंस वाली पिच पर पहले कुछ गेंद संभलकर खेलते हैं. पिच का मिजाज, गेंदबाज की रफ्तार, मौसम का माहौल, सबकुछ भांपते हैं. फिर एक बार टिक गए तो फिर जमकर शॉट खेलते हैं. इस बार के लोकसभा नतीजों के बाद तीसरी बार सरकार बनी फिर भी राजनीति के मैदान में पिच विपक्ष के मजबूत होने से सरकार के लिए बाउंस वाली जरूर हो गई. और तब तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में मोदी सरकार ने तीन बातों पर ध्यान दिया. गठबंधन धर्म, रोजगार का कर्म और मिडिल क्लास को छोटी ही सही लेकिन राहत.
दरअसल, ये तो तय 7 जून को ही हो गया था कि इस बार बिहार-आंध्र प्रदेश की बहार है. नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन से ही इस बार नरेंद्र मोदी की बहुमत की सरकार है. ऐसे में सवाल है कि क्या यही कारण है कि जितना बाकी नहीं पाए उससे ज्यादा आंध्र और बिहार के लिए बजट में अबकी बार है? कारण, 48 लाख 21 हजार करोड़ रुपये के मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले कुल बजट में अकेले बिहार और आंध्र प्रदेश को ही 1 लाख करोड़ से ज्यादा की सौगात विकास के नाम पर दिया है. इसमें बिहार को 58500 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 15000 करोड़ रुपये विकास परियोजनओं के लिए देने का ऐलान हुआ है.
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जो अब बिहार और आंध् प्रदेश के लिए खुले केंद्र के बटुए को लेकर चौंक रहे हैं, शायद पहले चौंकन्ने नहीं थे. क्योंकि चौकन्ने रहते तो 4 जून को नतीजों के बाद एनडीए की पहली बैठक में ही नीतीश कुमार के बयानों पर गौर करते. तब नीतीश कुमार ने कहा था कि आपने इतनी सेवा की है, जो मौका मिला है, आगे बिहार और देश आगे बढ़ेगा. बिहार के सब काम हो ही जाएंगे, जो काम बचा है, हो जाएगा. हम लोग पूरे तौर पर जो चाहेंगे, उस काम के लिए लगे रहेंगे.
बजट में बिहार को मिलीं ये सौगात
बस जो नीतीश ने मानो कहा, वही हुआ भी. बिहार को नई सड़क-पुल के लिए 26 हजार करोड़ रुपये दिया गया है. इससे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे बनेगा. बोधगया, वैशाली और दरभंगा को भी एक सड़क परियोजना से जोड़ा जाएगा. साथ ही बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का एक पुल बनाया जाएगा. बिहार के पीरपैंती में 21,400 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का पावर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा. बाढ़ से निपटने और राहत के लिए 11,500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. पर्यटन के नक्शे पर बिहार को आगे लाने के लिए महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर कॉरीडोर बनाया जाएगा. राजगीर को भी ग्लोबल टूरिज्म के लिए विकसित करेंगे. नालंदा विश्वविद्यालय को टूरिज्म सेंटर की तरह आगे लाएंगे. यही वजह है कि नीतीश कुमार के एनडीए की पहली बैठक के बाद का बयान भी अब चर्चाओं में है.

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