
खूनी 'कैंडी मैन': 28 लड़कों के साथ रेप और हत्या करने वाले खूंखार सीरियल किलर की कहानी
AajTak
1970 के दशक की शुरुआत में टेक्सास में एक आम सा दिखने वाला शख्स खौफ का दूसरा नाम बन गया था. डीन कोरल नाम का ये शख्स दरअसल एक सीरियल किलर था जिसने 28 लड़कों की रेप के बाद जान ले ली थी. आखिरकार एक दिन उसके अपने साथी ने उसकी जान ले ली.
कई बार मासूम और मुस्कुराते चेहरों के पीछे ऐसे हैवान छुपे होते हैं कि उनका सच पता लगने पर यकीन ही नहीं होता. 1970 के दशक में ऐसा ही एक शख्स था Dean Corll. अधिकतर समय अपनी मां की कैंडी फैक्ट्री में बिताने वाला डीन आसपास रहने वाले बच्चों को फ्री में कैंडी भी दिया करता था. इसी के चलते बच्चे उसे 'कैंडी मैन' कहते थे. आज हम आपको उसी कैंडीमैन की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो एक समय पर इतना बड़ा अपराधी बन गया कि उसके नाम तक से लोग सिहर जाते थे.
रेप, टॉर्चर और हत्या
सीधे सादे से दिखने वाले इस लड़के का खूंखार चेहरा सामने आया तो उसे 'कैंडीमैन' किलर कहा जाने लगा. वह एक सीरियल किलर था जिसने 1970 के दशक की शुरुआत में कम से कम 28 युवकों और लड़कों की रेप और टॉर्चर के बाद हत्या कर दी थी.अजीब बात ये है कि 1973 में कोरल की मौत के बाद ही उसकी सच्चाई सामने आई. उसकी हत्या उसके ही एक साथी ने की थी जिससे वह अपने शिकारों को फंसाने और उनकी हत्याओं में मदद लिया करता था. ये एक टीनएजर लड़का था.
कैसा था कैंडी मैन का बचपन?
अक्सर सीरियल किलर्स के केस में देखा जाता है कि वे खराब अतीत या दुखी बचपन के चलते मानसिक अवसाद में आ जाते हैं. इसके कारण ही वे कई बार खूनी बन जाते हैं. 'द टेक्सास मंथली' की रिपोर्ट्स बताती हैं कि 1939 में फोर्ट वेन, इंडियाना में जन्म लेने वाले कोरल ने अपने मां बाप को कभी साथ में खुश नहीं देखा. वे अक्सर बुरी तरह झगड़ा करते थे. उसके माता-पिता ने पहली बार 1946 में तलाक लिया और बाद में एक बार फिर से शादी कर ली.लेकिन उनके दूसरी बार तलाक लेने के बाद, उनकी मां ने कुछ समय दक्षिण की यात्रा करने का फैसला किया.उसने आखिरकार एक ट्रैवलिंग सेल्समैन से दोबारा शादी की, और कोरल का नया परिवार टेक्सास में बस गया.
सीरियल किलर कैसे बन गया "कैंडी मैन" ? 1950 के दशक में, डीन कोरल की मां और सौतेले पिता ने पेकन प्रिंस नामक एक कैंडी कंपनी शुरू की, जो शुरू में घर के गैराज से काम करती थी. शुरुआत से ही, कोरल ने कंपनी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ऐसे में कुछ समय बाद कंपनी बड़ी हो गई और इसे कोरल कैंडी कंपनी कहा जाने लगा.

सोशल मीडिया पर एक बार फिर से ऐसा वीडिया वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई हैरान है. कुछ समय पहले वायरल हुआ कृष का गाना सुनेगा छाया हुआ था. अब एक बार फिर से वहीं गाना वायरल हो रहा है जो इंडियन आर्मी के जुबान पर चढ़ गया गया है. वीडियो में देखा जा रहा है कि जवान गणतंत्र दिवस की परेड रिहर्सल के दौरान वार्म अप करते हुए ये गाना गा रहे हैं.

भारत को सेकंड टीयर AI पावर कहे जाने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विरोध जताया है. दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान IMF लीडरशिप ने भारत को सेकंड टीयर की AI पावर बताया था. इस पर केंद्रीय मंत्री ने विरोध जताते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड की AI लिस्ट में भारत तीसरे स्थान पर है. साथ ही दुनिया भारत पर विश्वास दिखा रही है.











