
खाने के बाद फल खाने की आदत आपको कर सकती है बीमार, हो सकती हैं ये परेशानियां
AajTak
खट्टे फलों में विटामिन्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर होता है इसलिए ये शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत मददगार होते हैं. लेकिन खाने के बाद इनका सेवन करने से आपको कई नुकसान भी हो सकते हैं.
क्या आप खाने के बाद खट्टे फल खाते हैं? संतरा, नींबू, अंगूर और कीनू ये सभी खट्टे फल हैं जो अपने शानदार स्वाद के लिए जाने जाते हैं. इसमें विटामिन सी अधिक मात्रा में होता है. यह एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सिडेंट है जो प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है और कोलेजन बढ़ाने में भी मदद करता है. यह शरीर में आयरन के अवशोषण में भी सहायता करता है. भले ही खट्टे फल बेशुमार फायदे देते हों लेकिन भोजन के बाद खट्टे फल खाना अच्छा नहीं होता. यहां हम आपको भोजन के बाद खट्टे फल खाने के कुछ दुष्प्रभावों को बता रहे हैं जिन्हें आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए और ऐसा करने से बचना चाहिए.
खट्टे फलों के क्या फायदे हैं? डाइटीशियन एकता सिंहवाल ने एक अंग्रेजी वेबसाइट को बताया कि खट्टे फलों में डायट्री संबंधी फाइबर होता है इसलिए वे कब्ज को दूर करते हैं और पेट को हेल्दी रखकर डाइजेशन सही रखते हैं. इनमें मौजूद विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत मददगार होते हैं. लेकिन भोजन के बाद इन्हें खाना सही नहीं माना जाता.
1. एसिड की दिक्कत खट्टे फल अम्लीय होते हैं और दोपहर के भोजन के तुरंत बाद इनका सेवन कुछ व्यक्तियों के लिए पाचन को खराब कर सकता है. एसिडिटी के कारण बेचैनी, अपच या सीने में जलन हो सकती है, खासकर एसिड रिफ्लक्स से ग्रस्त लोगों को ऐसा करने से बचना चाहिए.
2. पोषक तत्व अवशोषण में देरी भोजन के बाद सीधे सेवन करने पर खट्टे फलों में कुछ कंपाउंड्स की मौजूदगी विशिष्ट पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा उत्पन्न कर सकती है. इससे आवश्यक खनिजों और विटामिनों की कमी शरीर में होती है और आपको फल खाने का फायदा भी नहीं होता है.
3.पेट और पाचन में दिक्कत कुछ व्यक्तियों को भोजन के बाद खट्टे फल खाने पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉबल्मस जैसे पेट में दर्द, सूजन या गैस हो सकती है. खासकर अगर उनका पाचन तंत्र संवेदनशील हो. इसलिए ऐसे लोगों को भूलकर भी खट्टे फलों का सेवन खाने के साथ नहीं करना चाहिए.

Aaj 21 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 मार्च 2026, दिन- शनिवार, चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 23.56 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में, सूर्य- मीन में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.04 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.26 बजे से सुबह 10.57 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

तेहरान में युद्ध के बीच 'काली बारिश' हो रही है. यह इतनी खतरनाक है कि इसके संपर्क में आने से लोगों की तुरंत मौत हो सकती है या फिर लंबे समय के लिए लोग बीमार पड़ सकते हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों से ईरान के तेल संयंत्र उड़ा दिए गए. इससे निकले जहरीले धुएं के बादल हवा में फैल गए हैं. तेल और जहरीले केमिकल व गैस से बने इन बादलों से ही 'काली बारिश' हो रही है.











