
खरगोन हिंसा: PM आवास योजना के मकान पर भी चला बुलडोजर, आरोपियों के 16 घर-29 दुकानें ध्वस्त
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khargone violence: रामनवमी पर हिंसा को लेकर मध्य प्रदेश का खरगोन शहर चर्चा में है. वहां हिंसा के आरोपियों के घरों-दुकानों पर बुलडोजर चला है. इसी बीच वहां पीएम आवास के तहत बने एक घर को भी गिराया गया है.
मध्य प्रदेश के खरगोन (khargone violence) में रामनवमी जुलूस पर हुए पथराव के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने जो बुलडोजर वाला एक्शन लिया उसके लिए राज्य सरकार घिरी हुई है. इस बीच यह भी सामने आया है कि सोमवार को खरगोन में जिन घरों को अवैध निर्माण बताकर गिराया गया, उसमें एक घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना था.
बता दें कि खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव हुआ था. जिसमें एसपी सिद्धार्थ चौधरी समेत करीब दो दर्जन लोग घायल हुए थे. मामले में एक्शन लेते हुए एमपी प्रशासन ने यूपी की तरह बुलडोजर वाली कार्रवाई की थी और कई घरों-दुकानों को गिराया था. इनको पथराव करने वाले आरोपियों से संबंधित बताया गया था.
पीएम आवास के तहत बना घर भी तोड़ा
खरगोन में रविवार को हिंसा हुई थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने खरगोन के चार इलाकों में 16 घर और 29 दुकानों को अवैध कब्जा बताकर तोड़ दिया. इसमें से 12 घर खसखासवाडी (Khaskhaswadi) इलाके में थे. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, जिन घरों को तोड़ा गया उसमें बिरला मार्ग पर पीएम आवास स्कीम के तहत बना हसीना फखरू का घर भी शामिल था.
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खबर के मुताबिक, 60 साल की हसीना ने रोते हुए बताया कि सोमवार सुबह निगम के लोग बुलडोजर के साथ वहां आए. धक्का देकर हसीना को घर से निकाला और जहां 'पीएम आवास के तहत बना घर' लिखा था वहां गोबर पोत दिया और फिर घर को कुछ ही मिनटों में बुलडोजर से गिरा दिया. हसीना के बेटे अमजद जो कि मजदूरी का काम करते हैं, उनका दावा है कि परिवार जिसमें कुल सात लोग हैं वे करीब 30 साल से वहां रह रहे थे.

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