
कैसे कम हो गए किसान सम्मान निधि पाने वाले 1.78 करोड़ किसान? समझें पूरा गणित
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2019 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत साल में तीन किश्तों में किसानों के खाते में 6 हजार रुपये डाले जाते हैं, यानी हर किश्त में दो हजार रुपये. एक साल पहले तक 10 करोड़ से ज्यादा किसानों को योजना का लाभ मिला था. लेकिन अब साढ़े 8 करोड़ किसान ही इसके दायरे में आते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों की संख्या घट रही है. एक साल में ही 1.78 करोड़ से ज्यादा किसान ऐसे हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि का फायदा नहीं मिला.
सरकार की ओर से संसद में दिए गए जवाबों से ये जानकारी सामने आई है. सरकार के जवाब के मुताबिक, 2021-22 में 10.41 करोड़ से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पैसा मिला था. लेकिन 2022-23 में 8.55 करोड़ किसानों को ही योजना के तहत रकम मिली.
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान निधि की 13वीं किस्त जारी की थी. इसमें 8 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 16 हजार करोड़ रुपये की रकम जमा की गई थी.
पर ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सालभर में ही ऐसा क्या हुआ जो करोड़ों लोग किसान सम्मान निधि के दायरे से बाहर आ गए?
इस बारे में एक अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि केंद्र सरकार लगातार इस योजना के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन करती रहती है. वेरिफिकेशन से पता चल जाता है कि कोई किसान इस योजना का लाभ लेने के पात्र है या नहीं? अगर वो पात्र नहीं पाया जाता है तो फिर उसे योजना से बाहर कर दिया जाता है. साथ ही उसे जितनी रकम जारी की जाती है, वो भी वसूल कर ली जाती है.
सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये बचाए

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