
केरल कैडर के IAS, राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र के प्रतिनिधि भी रह चुके हैं नए CEC ज्ञानेश कुमार
AajTak
ज्ञानेश कुमार के पास भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करने का अनुभव है.
कानून मंत्रालय ने सोमवार देर रात एक गजट नोटिफिकेशन जारी करके बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को देश का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त और हरियाणा के मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है. ज्ञानेश कुमार नए कानून के तहत नियुक्त होने वाले पहले सीईसी बन गए हैं. वह राजीव कुमार की जगह लेंगे, जो 18 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की बैठक के कुछ घंटों बाद यह नियुक्ति की गई.
सीईसी का चयन करने वाले तीन सदस्यीय पैनल में पीएम मोदी के अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे. राहुल गांधी ने सरकार से सीईसी की नियुक्ति को तब तक स्थगित करने के लिए कहा जब तक कि सुप्रीम कोर्ट नई नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेता. ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल 26 जनवरी, 2029 तक चलेगा. इसकी पूरी उम्मीद है कि अगले लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करने के बाद ही वह रिटायर होंगे.
यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार होंगे देश के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त, पीएम मोदी की अगुवाई वाली मीटिंग में हुआ फैसला
1988 बैच के IAS हैं ज्ञानेश कुमार
1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अफसर ज्ञानेश कुमार का जन्म 27, जनवरी 1964 को उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ था. उन्होंने वाराणसी के क्वींस कॉलेज और लखनऊ के काल्विन तालुकेदार कॉलेज से अपनी शुरुआती पढ़ाई की. इसके बाद आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक, आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस में पोस्ट ग्रेजुएशन और और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एनवायरमेंटल इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. वह केरल में एर्नाकुलम के असिस्टेंट कलेक्टर, अडूर के डिप्टी-कलेक्टर, केरल राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंध निदेशक, कोचीन नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर रहे. साथ ही अन्स कई पदों पर अपनी सेवाएं दी.
केरल सरकार के सेक्रेटरी के रूप में, ज्ञानेश कुमार ने फाइनेंस रिसोर्सेज, फास्ट-ट्रैक प्रोजेक्ट्स और पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट जैसे विभिन्न विभागों को संभाला. भारत सरकार में उनके पास रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करने का अनुभव है. वह 31 जनवरी, 2024 को भारत सरकार के सहकारिता सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए और 14 मार्च, 2024 को भारत निर्वाचन आयोग में उनकी बतौर चुनाव आयुक्त नियुक्ति हुई.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






