
केरलः कोरोना को देखते हुए IMA की नई सरकार से अपील- वर्चुअली करें शपथ ग्रहण समारोह
AajTak
इंडियन मेडिकल एसोशिएशन यानी IMA ने केरल की नई सरकार से रिक्वेस्ट की है कि वो अपना शपथ ग्रहण समारोह फिजिकली न रखके वर्चुअली रखे. IMA ने कहा है कि कोरोना महामारी जैसी स्थिति में ये कदम कोरोना को रोकने के लिए एक अच्छा संकेत होगा.
कोरोना का वक्त चल रहा है और किसी भी तरह का सार्वजनिक समारोह महामारी के प्रकोप को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है. इसी संबंध में इंडियन मेडिकल एसोशिएशन यानी IMA ने केरल की नई सरकार से रिक्वेस्ट की है कि वो अपना शपथ ग्रहण समारोह फिजिकली न रखकर वर्चुअली रखे. IMA ने कहा कि कोरोना महामारी जैसी स्थिति में यह कदम कोरोना को रोकने के लिए एक अच्छा संकेत होगा. केरल और देश में इस बात को लेकर एक आम सहमति बनने लगी है कि कोरोना की दूसरी लहर आने के पीछे सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसे कोरोना नियमों का पालन ना करना ही एक बड़ा कारण है. नई सरकार जो केरल के लोगों के मन की बात जानती है और जो वैज्ञानिक अन्वेषण का समर्थन करती है अगर वो अपना शपथ ग्रहण समारोह फिजिकली न करके, वर्चुअली करती है तो लोगों में एक बड़ा अच्छा संदेश जाएगा. IMA ने केरल में एक और हफ्ते लॉकडाउन बढ़ाने पर बधाई दी है. केरल में नई सरकार 20 मई को शपथ ग्रहण करेगी.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









