
किसी ने लिया लोन तो किसी ने लगाया रिटायरमेंट का पैसा, अब यूक्रेन से बिना डिग्री वापस लौटे बच्चे
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Russia Ukraine War: एयरपोर्ट पर बच्चों को लेने पहुंचे कुछ परिवारों से बातचीत कर समझ आ रहा था कि उन्होंने आखिर किस तरह संसाधन जुटाकर अपने बच्चों को विदेश पढ़ने भेजा होगा.
समय: रात के लगभग 10:30 बजे. स्थान: दिल्ली एयरपोर्ट का टर्मिनल नंबर-3. यहां अभी तक बैठे हुए लोग अब खड़े हो चुके हैं. लगभग सभी की निगाहें गेट की तरफ टिकी हुई हैं. पिछले 7 दिन से अपने बच्चों को जिन हालातों में परिवार देख सुन रहे थे, वो बच्चे अब यूक्रेन से सुरक्षित वतन लौट आए हैं. उनकी फ्लाइट लैंड कर चुकी है. यहां मौजूद अधिकतर लोग आपको सामान्य परिवारों के लगते हैं. ऐसे परिवार जिन्हें देखकर ही आप समझ जाएंगे कि विदेश में बच्चे को पढ़ाने के लिए फीस का इंतजाम करना उनके लिए आसान नहीं था. हमने कुछ पेरेंट्स से बात की.

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